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महज शो-पीस बनकर रह गया कंट्रोल रूम
ब्यूरो।अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Fri, 22 May 2015 12:14 AM IST
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उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए जिला मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोल रूम महज शो पीस बनकर रह गया। उपभोक्ता कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन करते हैं मगर उधर से कॉल को रिसीव नहीं किया जा रहा है। उपभोक्ता फोन करके परेशान हो गए हैं। फोन न उठने से लोगों की समसयाओं की निपटारा नहीं हो पा रहा है।
बता दें कि शहरी और ग्रामीण इलाके के उपभोक्ताओं की समस्याओं के निपटारे के लिए डीएम के निर्देश पर जिला म़ुख्यालय पर कंट्रोल रूम की स्थापना अभी कुछ दिनों पहले की गई। जिसका नंबर 8004922469 हैं। मजे की बात यह है कि इस नंबर पर जब भी उपभोक्ता करते हैं उठता नहीं हैं। घंटी बजती रहेगी मगर कोई उठाता नहीं हैं। एक्सईएन प्रथम एसपी मिश्रा ने कंट्रोल रूम की स्थापना को लेकर लंबे-चौड़े वायदे उपभोक्ताओं से किया था। उन्होंने कंट्रोल रूम पर फोन करने के बाद 24 घंटे में शहरी और 72 घंटे में ग्रामीण इलाके की विद्युत समस्या दूर करने का दावा किया था। मगर अफसोस वे अपने वायदे पर खरे नहीं उतर पाए।
सियाराम कॉलोनी के राजेश कुमार पिछले तीन दिनों से बिजली समस्या को नोट कराने के लिए कंट्रोल रूम को फोन कर रहे हैं मगर फोन उठा नहीं। हारकर उन्होंने प्राइवेट कर्मचारी को बुलाना पड़ा। जब ये हाल कंट्रोल रूम का है तो आपूर्ति का उम्मीद करना बेमानी होगी। जिस अधिकारी को यह तक पता नहीं कि कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी किसको दी है। वह उपभोक्ताओं की समस्या को कितनी गंभीरता से लेगा यह बताने की जरूरत नहीं हैं।
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बता दें कि शहरी और ग्रामीण इलाके के उपभोक्ताओं की समस्याओं के निपटारे के लिए डीएम के निर्देश पर जिला म़ुख्यालय पर कंट्रोल रूम की स्थापना अभी कुछ दिनों पहले की गई। जिसका नंबर 8004922469 हैं। मजे की बात यह है कि इस नंबर पर जब भी उपभोक्ता करते हैं उठता नहीं हैं। घंटी बजती रहेगी मगर कोई उठाता नहीं हैं। एक्सईएन प्रथम एसपी मिश्रा ने कंट्रोल रूम की स्थापना को लेकर लंबे-चौड़े वायदे उपभोक्ताओं से किया था। उन्होंने कंट्रोल रूम पर फोन करने के बाद 24 घंटे में शहरी और 72 घंटे में ग्रामीण इलाके की विद्युत समस्या दूर करने का दावा किया था। मगर अफसोस वे अपने वायदे पर खरे नहीं उतर पाए।
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सियाराम कॉलोनी के राजेश कुमार पिछले तीन दिनों से बिजली समस्या को नोट कराने के लिए कंट्रोल रूम को फोन कर रहे हैं मगर फोन उठा नहीं। हारकर उन्होंने प्राइवेट कर्मचारी को बुलाना पड़ा। जब ये हाल कंट्रोल रूम का है तो आपूर्ति का उम्मीद करना बेमानी होगी। जिस अधिकारी को यह तक पता नहीं कि कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी किसको दी है। वह उपभोक्ताओं की समस्या को कितनी गंभीरता से लेगा यह बताने की जरूरत नहीं हैं।
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