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प्रतापगढ़ : नाबालिग से दुराचार के दोषी को आजीवन कारावास, न्यायालय ने अर्थदंड भी लगाया
Thu, 25 Aug 2022 11:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Aug 2022 11:50 PM IST
सार
अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को उसके चिकित्सकीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति एवं पुनर्वास के लिए दी जाएगी। वादी मुकदमा के अनुसार, वह जिला मुख्यालय पर किराये के मकान में पत्नी, एक बेटा व बेटी के साथ रहता है।
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- फोटो : istock
विस्तार
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए लालगंज इलाके के सरायसंसार गांव निवासी राजकुमार उर्फ फुटानी मौर्य को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को उसके चिकित्सकीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति एवं पुनर्वास के लिए दी जाएगी। वादी मुकदमा के अनुसार, वह जिला मुख्यालय पर किराये के मकान में पत्नी, एक बेटा व बेटी के साथ रहता है। तीन जून 2022 को उसकी 11 वर्ष की बेटी घर पर अकेली थी। पत्नी किसी कार्य से बाहर चली गई थी।
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इस दौरान आरोपी राजकुमार उसके घर पहुंचा। वह पहले से भी घर आता-जाता था। वह शादी-विवाह में खाना बनाने का काम करता था। इस वजह से उससे जान पहचान हो गई थी। आरोपी के पूछने पर बच्चों ने वादी और उसकी पत्नी के बाहर होने की जानकारी दी।
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इसके बाद राजकुमार ने वादी के आठ वर्षीय बेटे को बहलाकर किचन में बंद कर दिया। उसकी 11 वर्षीय बेटी का मुंह दबाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेशचंद्र त्रिपाठी ने की।
विशेष लोक अभियोजक देवेश त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमे को 26 जुलाई 2022 को संज्ञान में लिया गया और पांच अगस्त 2022 को आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र बनाया गया। विशेष लोक अभियोजक द्वारा वादी मुकदमा, पीड़िता, डॉक्टर, विवेचक, रेडियोलॉजिस्ट आदि की गवाही कराई गई। 23 अगस्त 2022 को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।