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Pratapgarh News: जांच में शिथिलता, सीएमओ, सीओ सिटी के खिलाफ एफआईआर के आदेश
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आयुष्मान योजना के तहत कार्ड धारक को लाभ न देने के मामले की जांच में शिथिलता बरतने पर डीएम शिव सहाय अवस्थी ने सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, सीओ सिटी और कोतवाली के एक एसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अस्पताल पर भी कार्रवाई को कहा है। गौरतलब यह कि आदेश के दस दिन बाद भी कुछ हुआ नहीं।
रानीगंज तहसील के पिपरी खालसा निवासी रवि द्विवेदी ने शिकायत की थी कि उन्होंने अपने पिता का संजीवनी नर्सिंग होम में हार्निया का ऑपरेशन कराया था। आयुष्मान कार्ड होते हुए संचालक डॉ. एसएस गुप्ता ने उनसे पैसे ले लिए। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई। इसमें डिप्टी सीएमओ शबीब हैदर, तत्कालीन सीओ सिटी शिवनारायन वैश्य व कोतवाली के एसआई विनय सिंह को सदस्य नामित किया गया था।
मई 2025 के प्रकरण की जांच जब सितंबर तक भी पूरी नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने जांच में लीपापोती किए जाने का आशंका व्यक्त करते हुए डीएम से दोबारा शिकायत की। डीएम ने एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल को जांच कमेटी में शामिल सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच को लिखा। यह भी आदेश दिया कि अस्पताल को आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लिए मिला लाइसेंस निरस्त किया जाए।
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प्रकरण पर एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल ने बताया कि यह मामला पुराना है। वर्तमान में डीएम कार्यालय से जारी रिमांइडर (अनुस्मारक) सीआरओ अजय तिवारी के माध्यम से प्राप्त हुआ है। मामले की मूलप्रति सीआरओ कार्यालय से मांगी गई है। मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद प्रथम दृष्टया जांच कमेटी ने सही ढंग से काम नहीं किया। पीड़ित को न्याय नहीं मिला है तो निश्चित ही कमेटी में शामिल लोग दंड के पात्र हैं। पीड़ित को न्याय दिलाना ही प्राथमिकता है।
शिव सहाय अवस्थी, डीएम
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रानीगंज तहसील के पिपरी खालसा निवासी रवि द्विवेदी ने शिकायत की थी कि उन्होंने अपने पिता का संजीवनी नर्सिंग होम में हार्निया का ऑपरेशन कराया था। आयुष्मान कार्ड होते हुए संचालक डॉ. एसएस गुप्ता ने उनसे पैसे ले लिए। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई। इसमें डिप्टी सीएमओ शबीब हैदर, तत्कालीन सीओ सिटी शिवनारायन वैश्य व कोतवाली के एसआई विनय सिंह को सदस्य नामित किया गया था।
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मई 2025 के प्रकरण की जांच जब सितंबर तक भी पूरी नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने जांच में लीपापोती किए जाने का आशंका व्यक्त करते हुए डीएम से दोबारा शिकायत की। डीएम ने एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल को जांच कमेटी में शामिल सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच को लिखा। यह भी आदेश दिया कि अस्पताल को आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लिए मिला लाइसेंस निरस्त किया जाए।
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प्रकरण पर एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल ने बताया कि यह मामला पुराना है। वर्तमान में डीएम कार्यालय से जारी रिमांइडर (अनुस्मारक) सीआरओ अजय तिवारी के माध्यम से प्राप्त हुआ है। मामले की मूलप्रति सीआरओ कार्यालय से मांगी गई है। मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद प्रथम दृष्टया जांच कमेटी ने सही ढंग से काम नहीं किया। पीड़ित को न्याय नहीं मिला है तो निश्चित ही कमेटी में शामिल लोग दंड के पात्र हैं। पीड़ित को न्याय दिलाना ही प्राथमिकता है।
शिव सहाय अवस्थी, डीएम