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भूमाफियाओं ने बेच डाली सरकारी जमीन

Sun, 04 Aug 2019 11:48 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2019 11:48 PM IST
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Land mafia sold government land to earn big money
crime
भूमाफिया के अजब-गजब खेल का खुलासा हो रहा है। राजस्व विभाग की पैमाइश में पता चला है कि दहिलामऊ स्थित चांदमारी में जो हवेली खड़ी है वह सरकारी जमीन में बनी हुई है। भूमाफिया ने जिस गाटे को बेचा है, वह कहीं और है। शहर के करीब प्लाटिंग करके मोटी रकम कमाने के लिए सरकारी जमीन को बेच दिया। अब प्लाट खरीदकर घर बनाने वालों की मुसीबत बढ़ गई है।
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शहर से सटे दहिलामऊ में पिकनिक स्पॉट और खेल के मैदान की जमीन को भू-माफिया ने प्लाटिंग करके बेच डाला। आलम यह है कि जिस स्थान पर लोगों की हवेली खड़ी है, वह सरकारी जमीन में हैं। इस बात का खुलासा तीन दिन से हो रही पैमाइश में हुआ है। हालांकि राजस्व टीम इस मामले को दबाने में लगी हुई है। इसके पीछे प्लाटिंग करने में शामिल रहने वाले सदर के लेखपालों को बचाना है। दरअसल, शहर के इर्द-गिर्द सरकारी जमीनों को आबादी घोषित करने का खेल में पूूर्व में तैनात लेखपालों ने ही किया है। वास्तविकता तो यह है कि शहर में जितनी जमीनों की प्लाटिंग हुई है, उसमें लेखपाल शामिल रहे हैं। यह अलग बात है कि उनका नाम शामिल न होकर पत्नी और बेटों का होता है। दहिलामऊ स्थित चांदमारी में बनने वाले पिकनिक स्पॉट की जमीन को कब्जा कराने में राजस्व विभाग का बड़ा हाथ है। शनिवार और रविवार को हुई पैमाइश में खुलासा हुआ है कि मारुत नगर और आसपास बनी हवेली सरकारी जमीन पर खड़ी है। फिलहाल राजस्व विभाग अभी तक इस मामले को दबाने में लगा हुआ है। तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि पैमाइश होने के बाद अपने स्तर से जांच कराएंगे। उसके बाद अवैध कब्जेदारों को बेदखल करने की कार्रवाई प्रारंभ होगी।
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20-20 साल से सदर तहसील में तैनात हैं लेखपाल
सदर तहसील में 20-20 साल से लेखपाल तैनात हैं। जिले में माफियाओं से लेकर राजनेताओं तक पैठ बनाने वाले लेखपालों का तबादला सिर्फ कागज पर किया जाता है। दरअसल, जब कभी तबादले का दबाव बढ़ता है तो दूसरी तहसील में कागज पर कुछ दिन के लिए चले जाते हैं और फिर आकर बैठ जाते हैं। अगली बार जब शीर्ष अधिकारी सूचना मांगते हैं तो वह तबादले की परिधि से बाहर हो जाते हैं।
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करोड़पति बन बैठे हैं लेखपाल
सदर तहसील में तैनात अधिकांश लेखपाल ऐेसे हैं जो करोड़पतियों की श्रेणी में शामिल हैं। शहर ही नहीं, प्रयागराज और लखनऊ में मॉल, पेट्रोलपंप और मैरिज हाल खोलकर मोटी कमाई कर रहे हैं।
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