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अबकी रोहिणी नक्षत्र में नहीं मनेगी कृष्ण जन्माष्टमी
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वीएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में श्रीकृष्ण बना बच्चा।
- फोटो : PRATAPGARH
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कई वर्षों बाद बदला ग्रहों व नक्षत्रों का तालमेल, कृतिका व भरणी नक्षत्र, विजय मुर्हूत के साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग में मनेगा कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व
प्रतापगढ़। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार रोहिणी नक्षत्र में नहीं पड़ेगा। ग्रहों का तालमेल व नक्षत्रों का संयोग इस बार नहीं बन रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार कृतिका व भरणी नक्षत्र व विजय मुर्हूत के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग में कृष्णजन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। रात की अष्टमी भी 11 अगस्त यानि मंगलवार को रात में मिल रही है। जबकि उदया तिथि में अष्टमी की मान्यता 12 अगस्त तक होगी।
जिले में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। लोग घरों में झांकी बनाकर दिनभर भजन-कीर्तन करते हैं और रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशी में भक्ति और आस्था में डूबे रहते हैं। आमतौर पर कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व रोहिणी नक्षत्र में ही पड़ता है, मगर इस बार ग्रहों व नक्षत्रों का संयोग नहीं बन पाया। कई साल बाद ऐसा हुआ जब रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण जन्माष्टमी नहीं मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं आलोक मिश्रा के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी इस बार षष्ठी तिथि की वृद्धि होने 12 अगस्त को मनाई जाएगी। बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग एवं ध्रुव योग दोनों हैं। इसी दिन उदया अष्टमी तिथि में जन्माष्टमी अधिकतर लोग मनाएंगे।
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प्रतापगढ़। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार रोहिणी नक्षत्र में नहीं पड़ेगा। ग्रहों का तालमेल व नक्षत्रों का संयोग इस बार नहीं बन रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार कृतिका व भरणी नक्षत्र व विजय मुर्हूत के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग में कृष्णजन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। रात की अष्टमी भी 11 अगस्त यानि मंगलवार को रात में मिल रही है। जबकि उदया तिथि में अष्टमी की मान्यता 12 अगस्त तक होगी।
जिले में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। लोग घरों में झांकी बनाकर दिनभर भजन-कीर्तन करते हैं और रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशी में भक्ति और आस्था में डूबे रहते हैं। आमतौर पर कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व रोहिणी नक्षत्र में ही पड़ता है, मगर इस बार ग्रहों व नक्षत्रों का संयोग नहीं बन पाया। कई साल बाद ऐसा हुआ जब रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण जन्माष्टमी नहीं मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं आलोक मिश्रा के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी इस बार षष्ठी तिथि की वृद्धि होने 12 अगस्त को मनाई जाएगी। बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग एवं ध्रुव योग दोनों हैं। इसी दिन उदया अष्टमी तिथि में जन्माष्टमी अधिकतर लोग मनाएंगे।
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