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जिले के 96,941 किसानों को नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त
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आधारकार्ड और बैंक खाते में अंतर होने के कारण रोका गया भुगतान
खाता नंबर में नहीं हो सकता है छेड़छाड़, किसान सुुधार सकते हैं त्रुटियां
प्रतापगढ़। जिले के 96,941 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए होगा कि इन किसानों के बैंक खाता नंबर और आधार कार्ड के नाम में अंतर है। अब किसानों के बैंक खाते और आधार में नाम त्रुटियों को ठीक कराने पर ही दूसरी किस्त का भुगतान होगा। त्रुटियों को सुधारने के लिए किसानों को अधिकृत कर दिया गया है। वह किसी भी जनसेवा केंद्र से नाम की गड़बड़ियों को ठीक करा सकते हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 4,70,000 किसानों ने आवेदन किया है। इसमें से 3,37,050 किसानों को प्रथम किस्त और 2,40,764 किसानों को दूसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है। जिले के किसी भी किसान अभी तक तीसरी किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। जिले के 1,32,950 किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी एक भी किस्त नहीं मिली है। इन किसानों को डाटा केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। जिसमें धनराशि भेजने की तैयारी हो रही है।
जिले के 96,941 किसान ऐेसे हैं, जिनके बैंक नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर है। इसलिए दूसरी किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। किसानों के नाम में जो गड़बड़ी देखने को मिल रही है, उसमें अधिकांश मामले डाटा फीडिंग के समय कंप्यूटर आपरेटर की गड़बड़ी से अशुध्द हो गए हैं। फिलहाल यह बात अफसर मानने को तैयार नहीं है। इसे ठीक कराने की जिम्मेदारी किसानों को सौपी गई हैं।
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पीएम किसान पोर्टल पर त्रुटियों को कर सकते हैं शुद्ध
जिले के किसान किसी भी जनसेवा केंद्र से पीएम किसान पोर्टल खोलकर अपने नाम की कमियों को शुद्ध कर सकते हैं। हिंदी और अंग्रेजी की स्पेलिंग में गड़बड़ी होने से कंप्यूटर अशुद्ध नाम बता रहा है। इसके ठीक होते ही किसानों के खाते में दूसरी किस्त के दो हजार रुपये का भुगतान हो जाएगा।
जिले में कोई नहीं मिला अपात्र
किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने वाले किसानों के हुए सत्यापन में कोई भी अपात्र नहीं मिला है। तहसीलों के हुए सत्यापन में यह रिपोर्ट आने पर अफसरों ने राहत की सांस ली है। दरअसल में योजना में भूमिहर किसानों को योग्य माना गया है और तहसीलों से उन्हीं लोगों के फार्म आए, जिनके पास जमीन थी।
वंचित लोग भी कर सकते हैं आवेदन
किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसान भी आवेदन कर सकते हैं। किसानों के लिए पोर्टल खुला हुआ है। घोषणापत्र भर कर वह लेखपाल के पास जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए कोई अंतिम तिथि नियत नहीं की गई है।
जिन किसानों के नाम में त्रुटियां हैं, वह किसी भी जनसेवा केंद्र से पीएम किसान योजना का पोर्टल खोलकर ठीक कर सकते हैं। अगर आधार और खाते के नाम में गड़बड़ी है, तो उसे अविलंब ठीक करा लें। केंद्र सरकार ने पहली किस्त तो भेज दी है, मगर अब तक दूसरी किस्त तब तक नहीं भेजेगा, जब तक त्रुटियों को ठीक नहीं किया जाता है।
डॉ. रघुराज सिंह, उप निदेशक कृषि विभाग
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खाता नंबर में नहीं हो सकता है छेड़छाड़, किसान सुुधार सकते हैं त्रुटियां
प्रतापगढ़। जिले के 96,941 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए होगा कि इन किसानों के बैंक खाता नंबर और आधार कार्ड के नाम में अंतर है। अब किसानों के बैंक खाते और आधार में नाम त्रुटियों को ठीक कराने पर ही दूसरी किस्त का भुगतान होगा। त्रुटियों को सुधारने के लिए किसानों को अधिकृत कर दिया गया है। वह किसी भी जनसेवा केंद्र से नाम की गड़बड़ियों को ठीक करा सकते हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 4,70,000 किसानों ने आवेदन किया है। इसमें से 3,37,050 किसानों को प्रथम किस्त और 2,40,764 किसानों को दूसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है। जिले के किसी भी किसान अभी तक तीसरी किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। जिले के 1,32,950 किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी एक भी किस्त नहीं मिली है। इन किसानों को डाटा केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। जिसमें धनराशि भेजने की तैयारी हो रही है।
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जिले के 96,941 किसान ऐेसे हैं, जिनके बैंक नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर है। इसलिए दूसरी किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। किसानों के नाम में जो गड़बड़ी देखने को मिल रही है, उसमें अधिकांश मामले डाटा फीडिंग के समय कंप्यूटर आपरेटर की गड़बड़ी से अशुध्द हो गए हैं। फिलहाल यह बात अफसर मानने को तैयार नहीं है। इसे ठीक कराने की जिम्मेदारी किसानों को सौपी गई हैं।
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पीएम किसान पोर्टल पर त्रुटियों को कर सकते हैं शुद्ध
जिले के किसान किसी भी जनसेवा केंद्र से पीएम किसान पोर्टल खोलकर अपने नाम की कमियों को शुद्ध कर सकते हैं। हिंदी और अंग्रेजी की स्पेलिंग में गड़बड़ी होने से कंप्यूटर अशुद्ध नाम बता रहा है। इसके ठीक होते ही किसानों के खाते में दूसरी किस्त के दो हजार रुपये का भुगतान हो जाएगा।
जिले में कोई नहीं मिला अपात्र
किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने वाले किसानों के हुए सत्यापन में कोई भी अपात्र नहीं मिला है। तहसीलों के हुए सत्यापन में यह रिपोर्ट आने पर अफसरों ने राहत की सांस ली है। दरअसल में योजना में भूमिहर किसानों को योग्य माना गया है और तहसीलों से उन्हीं लोगों के फार्म आए, जिनके पास जमीन थी।
वंचित लोग भी कर सकते हैं आवेदन
किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसान भी आवेदन कर सकते हैं। किसानों के लिए पोर्टल खुला हुआ है। घोषणापत्र भर कर वह लेखपाल के पास जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए कोई अंतिम तिथि नियत नहीं की गई है।
जिन किसानों के नाम में त्रुटियां हैं, वह किसी भी जनसेवा केंद्र से पीएम किसान योजना का पोर्टल खोलकर ठीक कर सकते हैं। अगर आधार और खाते के नाम में गड़बड़ी है, तो उसे अविलंब ठीक करा लें। केंद्र सरकार ने पहली किस्त तो भेज दी है, मगर अब तक दूसरी किस्त तब तक नहीं भेजेगा, जब तक त्रुटियों को ठीक नहीं किया जाता है।
डॉ. रघुराज सिंह, उप निदेशक कृषि विभाग