कौशाम्बी लोकसभा सीट : कुंडा और बाबागंज से दिल्ली का रास्ता साफ करेंगे शाह, राजाभैया का रुख स्पष्ट नहीं
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का इस क्षेत्र में प्रभाव है। दोनों विधायक उन्हीं के है। उन्हें साधना भी भाजपा जरूरी समझ रही है। क्योंकि टिकट के बंटवारे के बाद वह नाराज चल रहे थे।
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कौशाम्बी लोकसभा सीट के लिए कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र भाजपा की राह में रोड़ा अटका सकते हैं। भले ही भाजपा प्रत्याशी पिछले चुनावों में जीत गए हों, लेकिन यहां से कम वोट मिले थे। इसलिए पार्टी प्रंबधन ने इस बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सभा बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के हीरागंज में रखी।
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का इस क्षेत्र में प्रभाव है। दोनों विधायक उन्हीं के है। उन्हें साधना भी भाजपा जरूरी समझ रही है। क्योंकि टिकट के बंटवारे के बाद वह नाराज चल रहे थे। लेकिन पिछले दिनों राजा भैया और अमित शाह की मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वे कुछ नरम पड़े हैं। हालांकि, अभी तक उन्होंने रुख स्पष्ट नहीं किया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र की पांच सीटों में से कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र में कुल 6.88 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसमें भी दलित मतदाताओं का वोट सर्वाधिक है। इसके बाद दूसरे नंबर पर ओबीसी वर्ग के मतदाता हैं।
विधानसभावार - पुरुष मतादाता - महिला मतदाता
बाबागंज - 1,72,628 - 1,52,365
कुंडा - 1,92,783 - 1,70,468
कुल मतदाता - 3,65,411 - 3,22,833
नुक्कड़ सभाएं कर रही भाजपा
भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर न्याय पंचायतवार नुक्कड़ सभाएं कर लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। शाह की सभा के ठीक पहले उन्होंने राजा भैया के गढ़ बेंती में नुक्कड़ सभा की। अगली सभा पूर्व सांसद रत्ना सिंह के क्षेत्र कालाकांकर में होगी है।एक दिन में औसतन तीन नुक्कड़ सभा और एक बड़ी सभा की जा रही है। तकरीबन 40 से अधिक नुक्कड़ सभाओं की तैयारी है।