अधिवक्ता ओम मिश्र हत्याकांड के फरार नामजद आरोपी मुस्तफा को पुलिस ने दबोच लिया। उसके पिता को पुलिस ने हिरासत में लेकर दबाव बनाया। जिसके पुलिस उसके ठिकाने तक पहुंच गई। पुलिस शूटरों की तलाश में पसीना बहा रही है। मुस्तफा पर ही लोकसभा चुनाव कराने जा रहे दरोगा राम बहादुर की पिस्टल लूटने का आरोप है। हालांकि पुलिस अभी गिरफ्तारी से इनकार कर रही है।
महेशगंज के कलिकापुर निवासी अधिवक्ता ओम मिश्र की 15 जुलाई को जेठवारा के सोनपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद मृतक अधिवक्ता के भाई ने बेलाही के रहने वाले समीर, मुस्तफा, महेंद्र व रऊफ समेत दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसटीएफ प्रयागराज के अलावा जेठवारा पुलिस लगी हुई थी। जेठवारा पुलिस ने पिछले दिनों आरोपी रऊफ और प्रधान पुत्र महेंद्र को जेल भेज दिया। पूछताछ में उनसे कोई कामयाबी नहीं मिली। फरार समीर को अजगरा के पास से एक सप्ताह पहले एसटीएफ ने उस वक्त दबोच लिया। जब वह जेठवारा पुलिस के पास सरेंडर के लिए जा रहा था। हालांकि अभी तक समीर को हिरासत में लेेने से एसटीएफ इनकार कर रही है। फरार चल रहे मुस्तफा के ऊपर लोकसभा चुनाव कराने जा रहे दरोगा राम बहादुर की पिस्टल लूटने का आरोप भी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो हत्या में नामजद आरोपी मुस्तफा भी एसटीएफ के संपर्क में था। एसटीएफ शूटरों को पकड़ने के बाद उसे सामने लाना चाहती थी। ऐसे में रविवार की रात जेठवारा पुलिस ने मकई से मुस्तफा के पिता को उठा लिया। उससे पूछताछ करते हुए पुलिस मुस्तफा के छिपे होने के ठिकाने तक पहुंच गई। पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद उसे अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है। एसओ जेठवारा ने बताया कि अभी मुस्तफा की तलाश में दबिश दी जा रही है।