{"_id":"579901664f1c1bc06121e699","slug":"jarjar-bhavan","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे में जान, नोटिस दरकिनार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे में जान, नोटिस दरकिनार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
pratapgarh news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में करीब 36 जर्जर मकानों को नगर पालिका ने मरम्मत कराने का नोटिस भेजा है। नोटिस मिलने के बाद भी गृह स्वामी अपनी व आसपास के लोगों की जान खतरे में डाले हुए हैं। ये भवन इतने जर्जर हो चुके हैं कि बारिश के दौरान कभी भी ढह सकते हैं। ऐसे में कभी भी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में जर्जर भवनों से जनहानि की आशंका को देखते हुए पालिका प्रशासन ने दो साल पहले सर्वे कराया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान भी शहर के जर्जर मकानों को चिन्हित करने का आदेश दिया गया था। जांच में कुल 36 भवन ऐसे मिले जो मकान में रहने वालों के साथ ही दूसरों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। जर्जर होने की दशा में वे किसी भी दिन धाराशायी हो सकते हैं।
ऐसे मकानों का छज्जा बराबर गिरता रहता है। छतों की ईंटें भी जवाब दे चुकी हैं। चौक घंटाघर, श्रीराम तिराहा, बाबागंज, पल्टन बाजार, महुली, बेगमवार्ड, भैरोपुर, सिप्तैन रोड, पंजाबी मार्केट, टक्करगंज मोहल्ले में ऐेसे मकान स्थित हैं। नगर पालिका ने सभी को नोटिस देते हुए गृहस्वामी को निर्देश दिया था कि वे अपने भवनों की मरम्मत करा लें। अन्यथा यदि मकान गिरता है और उससे जनहानि होती है तो सारी जिम्मेदारी गृहस्वामी की होगी। नोटिस देेने के बाद भी ऐसे गृह स्वामी अपने मकान की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। बल्कि वे नगर पालिका का चक्कर लगाते हुए अपने प्रभाव से नोटिस को निष्प्रभावी बनाने के लिए गुणाभाग करने लगे। ऐसे जर्जर मकानों के नीचे बहुत से लोगों का कारोबार संचालित हो रहा है। ऊपरी हिस्से में भले ही लोगों ने रहना बंद कर दिया है। लेकिन नीचे वे रहने के साथ किराए पर दुकानें भी दे रखी हैं। जिससे राहगीरों व पटरी दुकानदारों के साथ ही आसपास के लोगों की जान पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विज्ञापन
ऐसे मकानों का छज्जा बराबर गिरता रहता है। छतों की ईंटें भी जवाब दे चुकी हैं। चौक घंटाघर, श्रीराम तिराहा, बाबागंज, पल्टन बाजार, महुली, बेगमवार्ड, भैरोपुर, सिप्तैन रोड, पंजाबी मार्केट, टक्करगंज मोहल्ले में ऐेसे मकान स्थित हैं। नगर पालिका ने सभी को नोटिस देते हुए गृहस्वामी को निर्देश दिया था कि वे अपने भवनों की मरम्मत करा लें। अन्यथा यदि मकान गिरता है और उससे जनहानि होती है तो सारी जिम्मेदारी गृहस्वामी की होगी। नोटिस देेने के बाद भी ऐसे गृह स्वामी अपने मकान की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। बल्कि वे नगर पालिका का चक्कर लगाते हुए अपने प्रभाव से नोटिस को निष्प्रभावी बनाने के लिए गुणाभाग करने लगे। ऐसे जर्जर मकानों के नीचे बहुत से लोगों का कारोबार संचालित हो रहा है। ऊपरी हिस्से में भले ही लोगों ने रहना बंद कर दिया है। लेकिन नीचे वे रहने के साथ किराए पर दुकानें भी दे रखी हैं। जिससे राहगीरों व पटरी दुकानदारों के साथ ही आसपास के लोगों की जान पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विज्ञापन