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बारिश के बाद अब कड़ाके की ठंड, दिनभर धधकते रहे अलाव
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कलक्ट्रेट में ठंड से बचने को अलाव के समीप जुटे अधिवक्ता व वादकारी। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। रिमझिम बारिश के बाद अब शीतलहर व गलन के बीच कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को शीतलहर के कहर से लोग दिनभर कांपते रहे। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। रजाई से निकलते ही हाथ-पांव ठंडे पड़ने लग रहे थे। घरों में लोग अलाव के पास दुबके रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। जगह-जगह दिनभर अलाव धधकते रहे। शहर से गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
बारिश के बाद बेल्हा में भी कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। पश्चिमी हवाओं से गलन बढ़ गई है। हाथ-पांव ठंडे पड़ जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। धूप न खिलने से गलत का असर तेज था। शहर में सुबह सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा। कंपनी बाग, स्टेशन रोड, व अन्य जगहों पर मार्निंगवाक करने वाले लोग नहीं दिखे। ठंड इस कदर थी कि लोग रजाई में दुबके रहे। सुबह 9 बजे के बाद लोग बाहर निकले, लेकिन इसके बाद भी ठंड के तेवर बरकरार रहे।
जगह-जगह अलाव जलते रहे। दुकानदार बाहर निकलकर अलाव के पास बैठे रहे। रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोग सड़कों पर जल रहे अलाव से राहत पाने का प्रयास कर रहे थे। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। ठंड का असर देख लोग घरों से बाहर नहीं निकले। इधर, शाम होने पर ठंड में और इजाफा हो गया।
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शाम सात बजते ही दुकानें बंद होने लगीं। कमोवेश यही हाल रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर के ग्रामीण इलाकों का भी रहा। शहर से गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अधिकतम तापमान 17.0 व न्यूनतम 11.05 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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बारिश के बाद बेल्हा में भी कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। पश्चिमी हवाओं से गलन बढ़ गई है। हाथ-पांव ठंडे पड़ जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। धूप न खिलने से गलत का असर तेज था। शहर में सुबह सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा। कंपनी बाग, स्टेशन रोड, व अन्य जगहों पर मार्निंगवाक करने वाले लोग नहीं दिखे। ठंड इस कदर थी कि लोग रजाई में दुबके रहे। सुबह 9 बजे के बाद लोग बाहर निकले, लेकिन इसके बाद भी ठंड के तेवर बरकरार रहे।
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जगह-जगह अलाव जलते रहे। दुकानदार बाहर निकलकर अलाव के पास बैठे रहे। रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोग सड़कों पर जल रहे अलाव से राहत पाने का प्रयास कर रहे थे। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। ठंड का असर देख लोग घरों से बाहर नहीं निकले। इधर, शाम होने पर ठंड में और इजाफा हो गया।
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शाम सात बजते ही दुकानें बंद होने लगीं। कमोवेश यही हाल रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर के ग्रामीण इलाकों का भी रहा। शहर से गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि अधिकतम तापमान 17.0 व न्यूनतम 11.05 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।