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कस्तूरबा गांधी स्कूलों में इंटर की पढ़ाई में फंसा पेंच
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जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में अभी इंटर तक पढ़ाई नहीं हो सकेगी। इन स्कूलों में राष्ट्रीय माध्यमिक अभियान के तहत बन रहे हॉस्टल पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं। हॉस्टल हैंडओवर न होने के कारण इस शिक्षासत्र में इंटर तक की पढ़ाई नहीं हो सकेगी। अब अगले शिक्षासत्र से ही इंटर तक की कक्षाएं संचालित हो सकेंगी।
जिले के संडवाचंद्रिका, रामपुर संग्रामगढ़, लक्ष्मणपुर और शिवगढ़ कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में चालू शिक्षासत्र से इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रारंभ होनी थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के बगल में माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। इन हॉस्टलों में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों की बालिकाओं के रहने का प्रबंध होगा। जिले के अधिकांश स्कूलों में अभी हॉस्टलों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
इन हॉस्टलों के पूरी तरह बनकर तैयार होने और सभी सुविधाओं से लैस होने के बाद कस्तूरबा स्कूलों को हैंडओवर करना है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने और बजट के अभाव में सभी सुविधाएं मुहैया नहीं कराने पर विभाग हॉस्टल लेेने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में कस्तूरबा गांधी स्कूलों में इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं चलाना संभव नहीं है।
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बालिकाओं की उम्मीदों पर फिरा पानी
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में पढ़ाई करने वाली बालिकाओं को जब जानकारी हुई कि चालू शिक्षा सत्र में इंटरमीडिएट की पढ़ाई होगी तो, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। अब उनके चेहरे पर मायूसी देखने को मिल रही है।
ब्लॉकों में बालिकाओं के लिए बने हॉस्टल अभी हैंडओवर नहीं हुए हैं और न ही हॉस्टल में बिस्तर और सामान खरीदने के लिए बजट मिला है। जब तक हॉस्टल पूरी तरह तैयार नहीं हो जाते हैं, तब तक इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित करना संभव नहीं होगा। भूपेंद्र सिंह, बीएसए
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जिले के संडवाचंद्रिका, रामपुर संग्रामगढ़, लक्ष्मणपुर और शिवगढ़ कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में चालू शिक्षासत्र से इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रारंभ होनी थी। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के बगल में माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। इन हॉस्टलों में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों की बालिकाओं के रहने का प्रबंध होगा। जिले के अधिकांश स्कूलों में अभी हॉस्टलों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
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इन हॉस्टलों के पूरी तरह बनकर तैयार होने और सभी सुविधाओं से लैस होने के बाद कस्तूरबा स्कूलों को हैंडओवर करना है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने और बजट के अभाव में सभी सुविधाएं मुहैया नहीं कराने पर विभाग हॉस्टल लेेने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में कस्तूरबा गांधी स्कूलों में इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं चलाना संभव नहीं है।
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बालिकाओं की उम्मीदों पर फिरा पानी
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में पढ़ाई करने वाली बालिकाओं को जब जानकारी हुई कि चालू शिक्षा सत्र में इंटरमीडिएट की पढ़ाई होगी तो, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। अब उनके चेहरे पर मायूसी देखने को मिल रही है।
ब्लॉकों में बालिकाओं के लिए बने हॉस्टल अभी हैंडओवर नहीं हुए हैं और न ही हॉस्टल में बिस्तर और सामान खरीदने के लिए बजट मिला है। जब तक हॉस्टल पूरी तरह तैयार नहीं हो जाते हैं, तब तक इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित करना संभव नहीं होगा। भूपेंद्र सिंह, बीएसए