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Pratapgarh News: एसबीआई से करोड़ों रुपये के गबन की निष्पक्ष जांच का निर्देश
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एसबीआई शाखा से करोड़ों रुपये गबन के मामले की जांच से असंतुष्ट खाताधारकों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ की शरण ली। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि जरूरत महसूस होने पर मुकदमे की जांच सीबीआई से कराने के लिए शासन को पत्र भेजा जाए।
भारतीय स्टेट बैंक की शाखा लीलापुर में मार्च में 4.85 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। बीते अप्रैल में प्रभारी शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल ने अपने कर्मचारियों के विरुद्ध ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। याचिका दाखिल करने वाले मिथलेश तिवारी, पूर्णेंदु तिवारी की याचिका सुनवाई करते हुए एक अगस्त को उच्च न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को मामले की निष्पक्ष व गहनता से जांच करने को कहा है।
कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरत हो तो सीबीआई से केस की जांच कराई जाए। बैंक में गबन के मामले की विवेचना यदि प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से न हो रही हो तो किसी अन्य अधिकारी को जांच सौंपी जाए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच करते हुए आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। न्यायालय के आदेश का हर हाल में अनुपालन कराया जाएगा।
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भारतीय स्टेट बैंक की शाखा लीलापुर में मार्च में 4.85 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। बीते अप्रैल में प्रभारी शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल ने अपने कर्मचारियों के विरुद्ध ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। याचिका दाखिल करने वाले मिथलेश तिवारी, पूर्णेंदु तिवारी की याचिका सुनवाई करते हुए एक अगस्त को उच्च न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को मामले की निष्पक्ष व गहनता से जांच करने को कहा है।
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कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरत हो तो सीबीआई से केस की जांच कराई जाए। बैंक में गबन के मामले की विवेचना यदि प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से न हो रही हो तो किसी अन्य अधिकारी को जांच सौंपी जाए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच करते हुए आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। न्यायालय के आदेश का हर हाल में अनुपालन कराया जाएगा।
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