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Pratapgarh News: घायल छात्र यश की थम गईं सांसें, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम
Mon, 14 Aug 2023 09:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 14 Aug 2023 09:00 PM IST
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इलाज में स्कूल प्रबंधक के मदद न करने का लगाया आरोप, 10 लाख रुपये की कर रहे थे मांग
पुलिस की मौजूदगी में सवा घंटे बाद प्रबंधक व परिजनों के बीच हुई बातचीत के बाद समाप्त हुआ जाम
- हादसे में पहले दिन ही छात्रा की हो चुकी है मौत
बाबूगंज। लीलापुर के लक्ष्मणपुर ब्लॉक के करीब 31 जुलाई को लोडर की टक्कर से मैजिक में सवार घायल पांच वर्षीय मासूम छात्र यश की भी मौत हो गई। हादसे के दिन छात्रा मानसी की मौत हुई थी। छात्र की मौत से आक्रोशित परिजनों संग ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह सगरासुंदरपुर- डेरवा मार्ग पर जाम लगाते हुए स्कूल के प्रबंधक पर बच्चे की इलाज में मदद न करने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधक व परिजनों के बीच बातचीत के बाद जाम समाप्त हुआ।
लीलापुर के बाबूगंज स्थित साध्वी शिरोमणि पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले पतुलकी से करीब 14 बच्चों को लेकर गांव का ही मैजिक चालक शरीफ 31 जुलाई को स्कूल जा रहा था। ब्लॉक के सामने अचानक सड़क पर बबूल की झाड़ियों के चलते बेकाबू लोडर ने स्कूली की मैजिक में टक्कर मारकर पलट गया। घटनास्थल पर ही पतुलकी की रहने वाली छात्रा मानसी की मौत हो गई थी। जबकि चालक शरीफ व स्कूल में पीजी कक्षा में पढ़ने वाले धर्मेंद्र सरोज के बेटे यश सरोज की हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया गया। अन्य बच्चों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया था।
प्रयागराज में 14 दिनों तक उपचार के बाद रविवार की शाम परिजन यश को लेकर घर आए। रात करीब एक बजे यश की अचानक तबीयत खराब हुई। परिजन उसे लेकर ट्रामा सेंटर गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे घर में कोहराम मच गया।
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सोमवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे मृतक छात्र यश के परिजन स्कूल प्रबंधक पर इलाज में मदद न करने का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया। वे प्रबंधक से बतौर मुआवजा 10 लाख रुपये की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष लीलापुर सुभाष यादव परिजनों को समझाने लगे। कुछ देर बाद प्रबंधक ऋषभ तिवारी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत हुई। सवा घंटे बाद प्रबंधक ने परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और पुलिस ने मृत छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम शव को गांव में ही दफनाया गया।
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यश के मौत की खबर सुनते ही बंद कर दिया स्कूल
घटना में छात्रा मानसी की मौत के बाद पांच दिन तक स्कूल बंद था। चूंकि पतुलकी निवासी धर्मेंद्र सरोज का बेटा यश प्ले ग्रुप का छात्र था। उसके मौत की खबर के बाद विद्यालय में शोकसभा के बाद छुट्टी कर दी गई। बताते हैं कि घटना के 15 दिन पहले ही यश ने स्कूल जाना शुरू किया था। यश के छोटा था, इसलिए परिजन उसे स्कूल वाहन से भेजते थे।
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लखनऊ ले जाने की थी तैयारी
प्रयागराज से घायल यश को रविवार की शाम परिजन डिस्चार्ज कराकर घर लाए थे। उसे उपचार के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी थी। मृत छात्र के पिता धर्मेंद प्रजापति घर पर ही मिट्टी का बर्तन बनाते हैं। उसका एक छोटा भाई शनि प्रजापति है।
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दो बच्चों की मौत से बाबूगंज से लेकर पतुलकी तक पसरा मातम
हादसे में 15 दिन के भीतर दो बच्चों की मौत से पतुलकी से लेकर बाबूगंज स्थित स्कूल तक मातम पसरा है। घटना के बाद जनप्रतिनिधियों का गांव न पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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जिंदगी व मौत से जूझ रहा चालक
स्कूल के बच्चों को लेकर जा रहे पतुलकी निवासी मैजिक चालक शरीफ जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। सप्ताह भर पहले शरीफ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सोमवार की सुबह रीढ़ की हड्डी में दर्द अधिक होने पर परिजन उसे उपचार के लिए फिर प्रयागराज ले गए।
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मिट्टी बर्तन का काम करते हैं पिता ...
यश के पिता धर्मेंद प्रजापति घर पे रहकर मिट्टी का बर्तन बनाते है। वही बेंचकर बेचकर परिवार का भरण पोषण करते है। यश की मां अंजू अभी गर्भवती है। मृतक यश का एक छोटा भाई शनि प्रजापति 3 वर्ष का है। यश की मौत के बाद सभी बदहवास हैं।
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पुलिस की मौजूदगी में सवा घंटे बाद प्रबंधक व परिजनों के बीच हुई बातचीत के बाद समाप्त हुआ जाम
- हादसे में पहले दिन ही छात्रा की हो चुकी है मौत
बाबूगंज। लीलापुर के लक्ष्मणपुर ब्लॉक के करीब 31 जुलाई को लोडर की टक्कर से मैजिक में सवार घायल पांच वर्षीय मासूम छात्र यश की भी मौत हो गई। हादसे के दिन छात्रा मानसी की मौत हुई थी। छात्र की मौत से आक्रोशित परिजनों संग ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह सगरासुंदरपुर- डेरवा मार्ग पर जाम लगाते हुए स्कूल के प्रबंधक पर बच्चे की इलाज में मदद न करने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधक व परिजनों के बीच बातचीत के बाद जाम समाप्त हुआ।
लीलापुर के बाबूगंज स्थित साध्वी शिरोमणि पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले पतुलकी से करीब 14 बच्चों को लेकर गांव का ही मैजिक चालक शरीफ 31 जुलाई को स्कूल जा रहा था। ब्लॉक के सामने अचानक सड़क पर बबूल की झाड़ियों के चलते बेकाबू लोडर ने स्कूली की मैजिक में टक्कर मारकर पलट गया। घटनास्थल पर ही पतुलकी की रहने वाली छात्रा मानसी की मौत हो गई थी। जबकि चालक शरीफ व स्कूल में पीजी कक्षा में पढ़ने वाले धर्मेंद्र सरोज के बेटे यश सरोज की हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया गया। अन्य बच्चों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया था।
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प्रयागराज में 14 दिनों तक उपचार के बाद रविवार की शाम परिजन यश को लेकर घर आए। रात करीब एक बजे यश की अचानक तबीयत खराब हुई। परिजन उसे लेकर ट्रामा सेंटर गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे घर में कोहराम मच गया।
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सोमवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे मृतक छात्र यश के परिजन स्कूल प्रबंधक पर इलाज में मदद न करने का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया। वे प्रबंधक से बतौर मुआवजा 10 लाख रुपये की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष लीलापुर सुभाष यादव परिजनों को समझाने लगे। कुछ देर बाद प्रबंधक ऋषभ तिवारी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत हुई। सवा घंटे बाद प्रबंधक ने परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और पुलिस ने मृत छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम शव को गांव में ही दफनाया गया।
यश के मौत की खबर सुनते ही बंद कर दिया स्कूल
घटना में छात्रा मानसी की मौत के बाद पांच दिन तक स्कूल बंद था। चूंकि पतुलकी निवासी धर्मेंद्र सरोज का बेटा यश प्ले ग्रुप का छात्र था। उसके मौत की खबर के बाद विद्यालय में शोकसभा के बाद छुट्टी कर दी गई। बताते हैं कि घटना के 15 दिन पहले ही यश ने स्कूल जाना शुरू किया था। यश के छोटा था, इसलिए परिजन उसे स्कूल वाहन से भेजते थे।
लखनऊ ले जाने की थी तैयारी
प्रयागराज से घायल यश को रविवार की शाम परिजन डिस्चार्ज कराकर घर लाए थे। उसे उपचार के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी थी। मृत छात्र के पिता धर्मेंद प्रजापति घर पर ही मिट्टी का बर्तन बनाते हैं। उसका एक छोटा भाई शनि प्रजापति है।
दो बच्चों की मौत से बाबूगंज से लेकर पतुलकी तक पसरा मातम
हादसे में 15 दिन के भीतर दो बच्चों की मौत से पतुलकी से लेकर बाबूगंज स्थित स्कूल तक मातम पसरा है। घटना के बाद जनप्रतिनिधियों का गांव न पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिंदगी व मौत से जूझ रहा चालक
स्कूल के बच्चों को लेकर जा रहे पतुलकी निवासी मैजिक चालक शरीफ जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। सप्ताह भर पहले शरीफ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सोमवार की सुबह रीढ़ की हड्डी में दर्द अधिक होने पर परिजन उसे उपचार के लिए फिर प्रयागराज ले गए।
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मिट्टी बर्तन का काम करते हैं पिता ...
यश के पिता धर्मेंद प्रजापति घर पे रहकर मिट्टी का बर्तन बनाते है। वही बेंचकर बेचकर परिवार का भरण पोषण करते है। यश की मां अंजू अभी गर्भवती है। मृतक यश का एक छोटा भाई शनि प्रजापति 3 वर्ष का है। यश की मौत के बाद सभी बदहवास हैं।