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सौभाग्य के अधूरे कार्य होंगे पूरे
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electricity
जिले में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण के अधूरे कार्य जल्द ही पूरे होंगे। जहां पोल खड़े हैं उन पर तार खींचकर पुरवों को रोशन किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। कार्य पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी जा रही है।
हर घर को बिजली से रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत हुई थी। जिले में सौभाग्य के तहत विद्युतीकरण के लिए 389 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। इसके तहत कुल 7 हजार मजरे चिह्नित किए गए। विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था बजाज को दी गई। योजना के तहत कुल 1 लाख 7 हजार कनेक्शन निर्गत किए गए।
विद्युतीकरण का कार्य भी लगभग एक साल से अधिक समय तक चला। जनवरी 2019 मेें जिले को सौभाग्य घोषित कर दिया गया। मगर इसके बाद भी कई मजरे व पुरवे में कार्य अधूरा ही रह गया। कहीं पोल लगे तो कहीं तार गिरे पड़े रहे और कार्य भी ठप कर दिया गया। जिले के रानीगंज, पट्टी, सदर क्षेत्र में अधिकांश मजरे इसके चलते रोशन नहीं हो सके।
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इस बीच उपकरण के सामान आदि पर रोक लग गई और कार्य भी ठप हो गया। कनेक्शन व मीटर लेने के बाद भी बिजली नहीं मिल सकी। मगर अब कनेक्शन का रजिस्ट्रेशन कराकर बिजली की बाट जोह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। ठप पड़ा विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा।
इसके लिए मजरों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार की जा चुकी है। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जिन मजरों व पुरवों में 10 से अधिक कनेक्शन हैं, उन्हीं मजरों व पुरवों में बिजली पहुंचाई जाएगी। उन्हें ट्रांसफार्मर आदि की व्यवस्था कर रोशन किया जाएगा।
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हर घर को बिजली से रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत हुई थी। जिले में सौभाग्य के तहत विद्युतीकरण के लिए 389 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। इसके तहत कुल 7 हजार मजरे चिह्नित किए गए। विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था बजाज को दी गई। योजना के तहत कुल 1 लाख 7 हजार कनेक्शन निर्गत किए गए।
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विद्युतीकरण का कार्य भी लगभग एक साल से अधिक समय तक चला। जनवरी 2019 मेें जिले को सौभाग्य घोषित कर दिया गया। मगर इसके बाद भी कई मजरे व पुरवे में कार्य अधूरा ही रह गया। कहीं पोल लगे तो कहीं तार गिरे पड़े रहे और कार्य भी ठप कर दिया गया। जिले के रानीगंज, पट्टी, सदर क्षेत्र में अधिकांश मजरे इसके चलते रोशन नहीं हो सके।
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इस बीच उपकरण के सामान आदि पर रोक लग गई और कार्य भी ठप हो गया। कनेक्शन व मीटर लेने के बाद भी बिजली नहीं मिल सकी। मगर अब कनेक्शन का रजिस्ट्रेशन कराकर बिजली की बाट जोह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। ठप पड़ा विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा।
इसके लिए मजरों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार की जा चुकी है। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि जिन मजरों व पुरवों में 10 से अधिक कनेक्शन हैं, उन्हीं मजरों व पुरवों में बिजली पहुंचाई जाएगी। उन्हें ट्रांसफार्मर आदि की व्यवस्था कर रोशन किया जाएगा।