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राशनकार्ड नहीं है तो आधारकार्ड से मिलेगा राशन
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शहर और गांव के उन लोगों को भी अब राशन मिलेगा, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। वह अपना आधार कार्ड दिखाकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर सकते हैं। एक आधार कार्ड पर पांच किग्रा राशन मिलेगा। लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष खाने-पीने की उत्पन्न हुई समस्या को देखते हुए विभागीय अफसरों ने यह फैसला लिया है।
सूबे में 21 दिन के लागू लॉकडाउन से दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष खाने-पीने का संकट गहरा गया है। जिले के 4,48,482 पात्र गृहस्थी और 74,079 अंत्योदय राशनकार्ड धारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन तो मिल रहा है, मगर गांव के कुछ गरीब लोग ऐसेे हैं, जो प्रधान और कोटेदारों की गुटबाजी के चलते पिस रहे हैं। इन लोगों का अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने फैसला लिया है कि जो वास्तव में गरीब हैं, और उनका राशन कार्ड नहीं बना है। कोटेदार ऐेसे लोगों का आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति और फोटो एकत्रित करके पूर्ति निरीक्षक को देेंगे और वह राशन कार्ड बनवाएंगे। 15 अप्रैल से दूसरे चरण में होने वाले राशन वितरण में उन्हें भी एक आधार कार्ड पर पांच किग्रा राशन दिया जाएगा। इसमें तीन किग्रा गेहूं और दो किग्रा चावल होगा।
जिले में अभी तक प्रॉक्सी (टोकन विधि) से राशन का वितरण किया जाता था। मगर कोटेदारों के खेल पर रोक लगाने के लिए बगैर अंगूठा लगाए राशन वितरण पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इससे कोटेदारों की चोरी बंद हो गई है।
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गरीबों का नेवाला हजम करने वाले जिले के चार कोटेदारों पर मुकदमा हो चुका है। मानधाता विकास खंड के खजोहरी के कोटेदार प्रमोद कुमार सिंह, शिवगढ़ विकास खंड के जयरामपुर गांव के कमलेश कुमार पटेल, पट्टी के गहरीचक के कोटेदार श्री प्रकाश मिश्र, कुंडा के कंदई के कोटेदार रामचंद्र के अनियमितता बरतने पर मुकदमा हो चुका है।
जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, और वह पात्र हैं, ऐेसे लोगों से अभिलेख लेकर राशन कार्ड बनाया जाएगा। अगले चरण में राशन वितरण होने पर उन्हे भी राशन दिया जाएगा। सुनील कुमार, डीएसओ
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सूबे में 21 दिन के लागू लॉकडाउन से दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष खाने-पीने का संकट गहरा गया है। जिले के 4,48,482 पात्र गृहस्थी और 74,079 अंत्योदय राशनकार्ड धारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन तो मिल रहा है, मगर गांव के कुछ गरीब लोग ऐसेे हैं, जो प्रधान और कोटेदारों की गुटबाजी के चलते पिस रहे हैं। इन लोगों का अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने फैसला लिया है कि जो वास्तव में गरीब हैं, और उनका राशन कार्ड नहीं बना है। कोटेदार ऐेसे लोगों का आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति और फोटो एकत्रित करके पूर्ति निरीक्षक को देेंगे और वह राशन कार्ड बनवाएंगे। 15 अप्रैल से दूसरे चरण में होने वाले राशन वितरण में उन्हें भी एक आधार कार्ड पर पांच किग्रा राशन दिया जाएगा। इसमें तीन किग्रा गेहूं और दो किग्रा चावल होगा।
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जिले में अभी तक प्रॉक्सी (टोकन विधि) से राशन का वितरण किया जाता था। मगर कोटेदारों के खेल पर रोक लगाने के लिए बगैर अंगूठा लगाए राशन वितरण पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इससे कोटेदारों की चोरी बंद हो गई है।
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गरीबों का नेवाला हजम करने वाले जिले के चार कोटेदारों पर मुकदमा हो चुका है। मानधाता विकास खंड के खजोहरी के कोटेदार प्रमोद कुमार सिंह, शिवगढ़ विकास खंड के जयरामपुर गांव के कमलेश कुमार पटेल, पट्टी के गहरीचक के कोटेदार श्री प्रकाश मिश्र, कुंडा के कंदई के कोटेदार रामचंद्र के अनियमितता बरतने पर मुकदमा हो चुका है।
जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, और वह पात्र हैं, ऐेसे लोगों से अभिलेख लेकर राशन कार्ड बनाया जाएगा। अगले चरण में राशन वितरण होने पर उन्हे भी राशन दिया जाएगा। सुनील कुमार, डीएसओ