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भूख हड़ताल कर पुलिसकर्मी जताएंगे विरोध
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 19 Mar 2015 11:40 PM IST
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इलाहाबाद कचहरी में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी दरोगा शैलेंद्र व गोली लगने से घायल अरुण नागर के समर्थन में पुलिसकर्मी उतर आए हैं। अनुशासन में बंधे पुलिसकर्मियों ने विरोध का नया फंडा निकाला है। इसकी अधिकारियों को कानों कान भनक नहीं है।
इलाहाबाद प्रकरण को लेकर वकील के हत्यारोपी दरोगा के समर्थन में उतरे पुलिसकर्मियों ने अभी तक आर्थिक मदद के तौर चंदा ही भेजा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूरे प्रदेश के दरोगा और सिपाही 21 मार्च को भूख हड़ताल पर रहेंगे। अधिवक्ताओं की हड़ताल के मद्देनजर अब पुलिसकर्मी भी अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन कर पुलिस के इकबाल को बुलंद करने की कोशिश करेंगे। पुलिसकर्मी 21 मार्च की सुबह मेस में बने खाने को नहीं खाएंगे। हमेशा की तरह ड्यूटी पर भी जाएंगे। उनकी मानें तो उनके इस कदम से शासन का पुलिस अधिकारियों पर दबाव नहीं बनेगा। इलाहाबाद के डीएम-एसपी को हटाने की मांग कर रहे अधिवक्ताओं के जवाब में पुलिसकर्मी यह कदम उठा रहे हैं।
भले ही पुलिस विभाग की खुफिया टीम को पुलिसकर्मियों के इस कदम की भनक तक न लगी हो लेकिन पूरे जनपद के सिपाही और दरोगा को इस अनोखे आंदोलन से जोड़ने के लिए केवल मोबाइल फोन का सहारा लिया जा रहा है। सभी अपने साथियों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए लगे हुए हैं। जनपद के सभी थानों पर तैनात दरोगा और सिपाहियों के बीच 21 मार्च को होने वाली भूख हड़ताल की खबर पहुंच भी गई है। उनकी मंशा है कि सरकार तक उनकी बात इस आंदोलन के जरिए पहुंचे।
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इलाहाबाद प्रकरण को लेकर वकील के हत्यारोपी दरोगा के समर्थन में उतरे पुलिसकर्मियों ने अभी तक आर्थिक मदद के तौर चंदा ही भेजा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूरे प्रदेश के दरोगा और सिपाही 21 मार्च को भूख हड़ताल पर रहेंगे। अधिवक्ताओं की हड़ताल के मद्देनजर अब पुलिसकर्मी भी अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन कर पुलिस के इकबाल को बुलंद करने की कोशिश करेंगे। पुलिसकर्मी 21 मार्च की सुबह मेस में बने खाने को नहीं खाएंगे। हमेशा की तरह ड्यूटी पर भी जाएंगे। उनकी मानें तो उनके इस कदम से शासन का पुलिस अधिकारियों पर दबाव नहीं बनेगा। इलाहाबाद के डीएम-एसपी को हटाने की मांग कर रहे अधिवक्ताओं के जवाब में पुलिसकर्मी यह कदम उठा रहे हैं।
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भले ही पुलिस विभाग की खुफिया टीम को पुलिसकर्मियों के इस कदम की भनक तक न लगी हो लेकिन पूरे जनपद के सिपाही और दरोगा को इस अनोखे आंदोलन से जोड़ने के लिए केवल मोबाइल फोन का सहारा लिया जा रहा है। सभी अपने साथियों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए लगे हुए हैं। जनपद के सभी थानों पर तैनात दरोगा और सिपाहियों के बीच 21 मार्च को होने वाली भूख हड़ताल की खबर पहुंच भी गई है। उनकी मंशा है कि सरकार तक उनकी बात इस आंदोलन के जरिए पहुंचे।
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