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हैंडओवर होने के पहले चटक गई अस्पताल की सीलिंग
Sat, 25 May 2019 11:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 25 May 2019 11:56 PM IST
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ceiling crack in hospital
- फोटो : pratapgarh
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जिला महिला अस्पताल के बगल 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे सौ बेड के अस्पताल में आखिर कब किलकारी गूंजेगी। इसका जवाब न स्वास्थ्य विभाग के पास है न कार्यदायी संस्था के पास। समयसीमा खत्म होने के बाद भी अभी अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
निर्माण कार्य में इस कदर लापरवाही बरती गई है कि विभाग को हैंडओवर होने से पहले ही अस्पताल की सीलिंग में दरारें आ गई हैं। इस बीच लखनऊ से आए इंजीनियरों ने सीलिंग को नए सिरे से लगाने के लिए कहा है। इधर अस्पताल में लिफ्ट के साथ ही वायरिंग का काम अभी अधूरा है।
जिले की महिलाओं की सहूलियत के लिए पांच साल पहले शासन ने जिला महिला अस्पताल के बगल 22 करोड़ की लागत से सौ बेड के अतिरिक्त अस्पताल के निर्माण की मंजूरी दी थी।
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निर्माण कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आवास विकास को मिली थी। पांच साल का वक्त बीत गया, मगर अभी तक सौ बेड के अस्पताल का निर्माण अधूरा पड़ा है। तीन की जगह दो ही लिफ्ट लग सके हैं। वायरिंग के साथ ही रंगाई और पुताई का काम अभी चल रहा है। हैंडओवर होने के पहले ही सीलिंग में दरारें पड़नी लगी हैं।
लखनऊ से आई टीम ने सर्वे किया तो इसका हकीकत सामने आई। सीलिंग में दरारें देखकर टीम ने फिर से सीलिंग को बदलने के लिए आदेश दिया। स्वास्थ्य विभाग के जेई के मुताबिक, दो साल पहले ही अस्पताल बनकर तैयार हो जाना था। मगर आज तक कार्यदायी संस्था ने भवन को हैंडओवर तक नहीं किया। प्लास्टर सहित कई काम बाकी हैं।
प्रतापगढ़ सीएमओ कार्यालय से संपर्क करने के बजाए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार लखनऊ स्थित प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से मिलकर बार-बार भवन बनकर तैयार होने और उसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने की झूठी सूचना दे रहे हैं। कई पत्र मेरे पास भी आए हैं। मगर अभी तक भवन बनकर तैयार नहीं हुआ है।
जब तक भवन तैयार नहीं होता है तब तक उसे लिया नहीं जाएगा। वहीं कार्यदायी संस्था आवास विकास के इंजीनियर अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि भवन बनकर तैयार हो गया है। कुछ ही काम बचा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को भवन हैंडओवर किया जा रहा है, मगर वह लेने को तैयार नहीं है। अभी जांच कराने की बात कह रहे हैं। बजट देरी से मिलने के कारण निर्माण कार्य में दिक्कत आई है। शासन की ओर से अभी भी पांच प्रतिशत बजट नहीं मिला है। बजट मिल जाए तो निर्माण कार्य और तेजी से कराया जाए।
काफी दिनों से सौ बेड के अस्पताल का निर्माण अधर में लटका हुआ है। कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। अस्पताल भवन अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। इसके बाद भी झूठी सूचना दी जा रही है कि बनकर तैयार हो गया है।
जेएन यादव, जेई, स्वास्थ्य विभाग।
जल्द से जल्द भवन को तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। यदि ठेकेदार अब हीलाहवाली करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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निर्माण कार्य में इस कदर लापरवाही बरती गई है कि विभाग को हैंडओवर होने से पहले ही अस्पताल की सीलिंग में दरारें आ गई हैं। इस बीच लखनऊ से आए इंजीनियरों ने सीलिंग को नए सिरे से लगाने के लिए कहा है। इधर अस्पताल में लिफ्ट के साथ ही वायरिंग का काम अभी अधूरा है।
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जिले की महिलाओं की सहूलियत के लिए पांच साल पहले शासन ने जिला महिला अस्पताल के बगल 22 करोड़ की लागत से सौ बेड के अतिरिक्त अस्पताल के निर्माण की मंजूरी दी थी।
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निर्माण कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आवास विकास को मिली थी। पांच साल का वक्त बीत गया, मगर अभी तक सौ बेड के अस्पताल का निर्माण अधूरा पड़ा है। तीन की जगह दो ही लिफ्ट लग सके हैं। वायरिंग के साथ ही रंगाई और पुताई का काम अभी चल रहा है। हैंडओवर होने के पहले ही सीलिंग में दरारें पड़नी लगी हैं।
लखनऊ से आई टीम ने सर्वे किया तो इसका हकीकत सामने आई। सीलिंग में दरारें देखकर टीम ने फिर से सीलिंग को बदलने के लिए आदेश दिया। स्वास्थ्य विभाग के जेई के मुताबिक, दो साल पहले ही अस्पताल बनकर तैयार हो जाना था। मगर आज तक कार्यदायी संस्था ने भवन को हैंडओवर तक नहीं किया। प्लास्टर सहित कई काम बाकी हैं।
प्रतापगढ़ सीएमओ कार्यालय से संपर्क करने के बजाए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार लखनऊ स्थित प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से मिलकर बार-बार भवन बनकर तैयार होने और उसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने की झूठी सूचना दे रहे हैं। कई पत्र मेरे पास भी आए हैं। मगर अभी तक भवन बनकर तैयार नहीं हुआ है।
जब तक भवन तैयार नहीं होता है तब तक उसे लिया नहीं जाएगा। वहीं कार्यदायी संस्था आवास विकास के इंजीनियर अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि भवन बनकर तैयार हो गया है। कुछ ही काम बचा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को भवन हैंडओवर किया जा रहा है, मगर वह लेने को तैयार नहीं है। अभी जांच कराने की बात कह रहे हैं। बजट देरी से मिलने के कारण निर्माण कार्य में दिक्कत आई है। शासन की ओर से अभी भी पांच प्रतिशत बजट नहीं मिला है। बजट मिल जाए तो निर्माण कार्य और तेजी से कराया जाए।
काफी दिनों से सौ बेड के अस्पताल का निर्माण अधर में लटका हुआ है। कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। अस्पताल भवन अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। इसके बाद भी झूठी सूचना दी जा रही है कि बनकर तैयार हो गया है।
जेएन यादव, जेई, स्वास्थ्य विभाग।
जल्द से जल्द भवन को तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। यदि ठेकेदार अब हीलाहवाली करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एके श्रीवास्तव, सीएमओ