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कुंडा व कालाकांकर के 18 गांवों में तैयार होगी बागवानी
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कुंडा गंगा किनारे स्थित कुंडा व कालाकांकर के गांवों में फलदार वृक्षों की बागवानी तैयार की जाएगी। नमामि गंगा योजना के तहत दोनों ब्लॉकों के 18 गांवों को चयनित किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फलदार वृक्षों की बागवानी तैयार करने के लिए किसानों को प्रति माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। उद्यान विभाग बागवानी में रुचि रखने वाले किसानों की सूची तैयार कर रहा है।
जिले में अमृत फल यानी आंवले की खेती प्रमुख रूप से होती है। जिले का आंवला देश-विदेश तक प्रसिद्ध है। आंवला की खेती से सदर व पट्टी तहसील क्षेत्र के किसान ज्यादा जुड़े हैं। जिले में सदर, कुंडा और कालाकांकर ब्लॉक क्षेत्र को फलपट्टी घोषित किया गया है। कुंडा व कालाकांकर क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम की बागवानी है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा सहित आम की कई वेराइटी के बाग हैं। अब शासन की नमामि गंगा योजना के तहत गंगा किनारे के गांवों में बागवानी तैयार करने की तैयारी है।
योजना के तहत कुंडा व कालाकांकर के किनारे के 18 गांवों को उद्यान विभाग ने चयनित किया है। मुर्ररसा, संग्रामपुर, तियाई, मोहम्मदापुर, हथिगवां, गोतनी, मऊदारा, दिलेरगंज, अखैवरपुर, समसपुर, चौकापारपुर आदि गांवों में बागवानी के लिए उद्यान विभाग किसानों को प्रेरित करेगा। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने बताया कि फलदार वृक्ष की बागवानी लगाने पर विभाग पौधों के संरक्षण के लिए प्रति माह तीन हजार रुपये किसानों को देगा। तीन साल तक पौधों के संरक्षण के लिए यह धनराधि किसानों को दी जाएगी।
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.2 से एक हेक्टेयर तक की बागवानी पर मिलेगी धनराशि
बागवानी के लिए किसानों को तीन हजार रुपये की धनराशि .2 से एक हेक्टेयर तक की बागवानी तैयार करने पर मिलेगी। इससे अधिक की बागवानी पर धनराशि नहीं दी जाएगी। किसान कार्यालय पर आकर संपर्क कर सकते है।
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जिले में अमृत फल यानी आंवले की खेती प्रमुख रूप से होती है। जिले का आंवला देश-विदेश तक प्रसिद्ध है। आंवला की खेती से सदर व पट्टी तहसील क्षेत्र के किसान ज्यादा जुड़े हैं। जिले में सदर, कुंडा और कालाकांकर ब्लॉक क्षेत्र को फलपट्टी घोषित किया गया है। कुंडा व कालाकांकर क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम की बागवानी है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा सहित आम की कई वेराइटी के बाग हैं। अब शासन की नमामि गंगा योजना के तहत गंगा किनारे के गांवों में बागवानी तैयार करने की तैयारी है।
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योजना के तहत कुंडा व कालाकांकर के किनारे के 18 गांवों को उद्यान विभाग ने चयनित किया है। मुर्ररसा, संग्रामपुर, तियाई, मोहम्मदापुर, हथिगवां, गोतनी, मऊदारा, दिलेरगंज, अखैवरपुर, समसपुर, चौकापारपुर आदि गांवों में बागवानी के लिए उद्यान विभाग किसानों को प्रेरित करेगा। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने बताया कि फलदार वृक्ष की बागवानी लगाने पर विभाग पौधों के संरक्षण के लिए प्रति माह तीन हजार रुपये किसानों को देगा। तीन साल तक पौधों के संरक्षण के लिए यह धनराधि किसानों को दी जाएगी।
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.2 से एक हेक्टेयर तक की बागवानी पर मिलेगी धनराशि
बागवानी के लिए किसानों को तीन हजार रुपये की धनराशि .2 से एक हेक्टेयर तक की बागवानी तैयार करने पर मिलेगी। इससे अधिक की बागवानी पर धनराशि नहीं दी जाएगी। किसान कार्यालय पर आकर संपर्क कर सकते है।