{"_id":"5c549327bdec22073e1b51fb","slug":"health-department-s-negligence-no-vehicle-to-carry-dead-body-commotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, शव ले जाने को नहीं दिया वाहन, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, शव ले जाने को नहीं दिया वाहन, हंगामा
Sat, 02 Feb 2019 12:21 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
ambulance
पोस्टमार्टम के बाद शव वाहन न मिलने पर परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजन कंधे पर लाश लेकर जाने की जिद करने लगे। कर्मचारियों ने चंदा लगाकर प्राइवेट एंबुलेंस मंगाकर शव को घर भेजवाया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के उदासीन रवैये को लेकर लोगों में आक्रोश दिखा।
सडक़ हादसे में मरे कंधई थाना क्षेत्र के पिपरी खालसा निवासी संदीप के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। परिजन घर तक शव पहुंचाने के लिए शव वाहन की मांग करने लगे। पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों ने सीएमओ व जिला अस्पताल के सीएमएस से संपर्क साधा, लेकिन शव वाहन नहीं मिल सका। जबकि शव वाहन अस्पताल परिसर में ही खड़ा था।
ऐसे में परिजन शव कंधे पर लादकर घर ले जाने की जिद करने लगे। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के उदासीन रवैए को देखते हुए परिवार के लोग हंगामा करने लगे। वह सडक़ जाम करने की चेतावनी देते हुए तिराहे तक पहुंचे। यह देख कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। वे शव बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में कर्मचारियों ने चंदा लगाकर प्राइवेट एंबुलेंस उपलब्ध कराई। जिस पर शव लादकर परिजन घर ले गए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही से कर्मचारी पिटते-पिटते बचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सडक़ हादसे में मरे कंधई थाना क्षेत्र के पिपरी खालसा निवासी संदीप के शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। परिजन घर तक शव पहुंचाने के लिए शव वाहन की मांग करने लगे। पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों ने सीएमओ व जिला अस्पताल के सीएमएस से संपर्क साधा, लेकिन शव वाहन नहीं मिल सका। जबकि शव वाहन अस्पताल परिसर में ही खड़ा था।
विज्ञापन
ऐसे में परिजन शव कंधे पर लादकर घर ले जाने की जिद करने लगे। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के उदासीन रवैए को देखते हुए परिवार के लोग हंगामा करने लगे। वह सडक़ जाम करने की चेतावनी देते हुए तिराहे तक पहुंचे। यह देख कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। वे शव बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में कर्मचारियों ने चंदा लगाकर प्राइवेट एंबुलेंस उपलब्ध कराई। जिस पर शव लादकर परिजन घर ले गए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही से कर्मचारी पिटते-पिटते बचे।
विज्ञापन