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Pratapgarh News: नोटिस देने के बाद कार्रवाई करना भूला स्वास्थ्य विभाग
Sat, 02 Sep 2023 09:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 02 Sep 2023 09:08 PM IST
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सप्ताह भर पहले 58 पॉलीक्लीनिक संचालकों को थमाया था नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। अवैध रुप से संचालित नर्सिंग होम और क्लीनिक सहित तकरीबन 58 पॉलीक्लीनिक संचालकों के पास सीएमओ ने नोटिस भेजकर तीन दिन में सीएमओ कार्यालय में कागजात जमा करने या फिर अस्पताल बंद करने को कहा था। लेकिन, नोटिस देने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर कार्रवाई करना ही भूल गए।
आरोप है कि ज्यादातर नर्सिंग होम संचालकों के पास मरीजों के इलाज के लिए पूरे कागजात नहीं है। किसी के पास सीएमओ कार्यालय से रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं है तो कई के पास फायर, बॉयोमेडिकल या फिर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एनओसी नहीं है।
कई ऐसे भी अस्पताल हैं, जिनके पास 24 घंटे चिकित्सक मौजूद नहीं रहते हैं। ऐसे संचालकों को सप्ताह भर पहले सीएमओ के आदेश पर अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी ने नोटिस भेजा था। इसमें लिखा था कि तीन दिन में सीएमओ कार्यालय में कागजात जमा कर दें, अन्यथा खुद से अस्पताल में ताला लगा दें।
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अवैध रुप से अस्पताल का संचालन करते पाए जाने पर सीज करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मगर नोटिस देने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर कार्रवाई करना भूल गए। एक भी अस्पताल संचालक सीएमओ आफिस में अपने कागजात जमा करने के लिए नहीं आया।
इस मामले में अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी का कहना है कि सोमवार से अभियान चलाया जाएगा, जिनको नोटिस भेजा गया है, उनके अस्पताल, क्लीनिक या फिर पॉलीक्लीनिक को सील किया जाएगा। कार्रवाई के लिए स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। अवैध रुप से संचालित नर्सिंग होम और क्लीनिक सहित तकरीबन 58 पॉलीक्लीनिक संचालकों के पास सीएमओ ने नोटिस भेजकर तीन दिन में सीएमओ कार्यालय में कागजात जमा करने या फिर अस्पताल बंद करने को कहा था। लेकिन, नोटिस देने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर कार्रवाई करना ही भूल गए।
आरोप है कि ज्यादातर नर्सिंग होम संचालकों के पास मरीजों के इलाज के लिए पूरे कागजात नहीं है। किसी के पास सीएमओ कार्यालय से रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं है तो कई के पास फायर, बॉयोमेडिकल या फिर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एनओसी नहीं है।
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कई ऐसे भी अस्पताल हैं, जिनके पास 24 घंटे चिकित्सक मौजूद नहीं रहते हैं। ऐसे संचालकों को सप्ताह भर पहले सीएमओ के आदेश पर अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी ने नोटिस भेजा था। इसमें लिखा था कि तीन दिन में सीएमओ कार्यालय में कागजात जमा कर दें, अन्यथा खुद से अस्पताल में ताला लगा दें।
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अवैध रुप से अस्पताल का संचालन करते पाए जाने पर सीज करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मगर नोटिस देने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर कार्रवाई करना भूल गए। एक भी अस्पताल संचालक सीएमओ आफिस में अपने कागजात जमा करने के लिए नहीं आया।
इस मामले में अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी का कहना है कि सोमवार से अभियान चलाया जाएगा, जिनको नोटिस भेजा गया है, उनके अस्पताल, क्लीनिक या फिर पॉलीक्लीनिक को सील किया जाएगा। कार्रवाई के लिए स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।