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हज यात्रा हुई महंगी, घट गई जायरीनों की संख्या
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प्रतापगढ़। इस साल होने वाली हज यात्रा पिछले वर्षों के मुकाबले महंगी होने का असर देखा जा रहा है। जिले का कोटा अभी तक 450 जायरीनों का है। मगर, महंगाई व उम्र की पाबंदी के चलते सौ से भी कम लोग हज यात्रा पर जाने के लिए आवेदन किए हैं। हज पर जाने वाले जायरीनों को जेब पर करीब सवा लाख से अधिक का बोझ पड़ा है। हज पर जाने वाले यात्रियों को कोविड-19 से बचाव के लिए कोविशील्ड की दोनों खुराक भी लगनी जरूरत है।
कोरोना वायरस के कारण लगातार दो वर्षों से स्थगित की जा रही पाक हज यात्रा के लिए इस बार एक नवंबर 2021 से लेकर 15 फरवरी 2022 तक भारतीय हज कमेटी द्वारा आवेदन मांगे गए थे। मगर हज 2022 के लिए कोरोना वायरस के कारण कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं।
हज के लिए अधिकतम आयु 65 वर्ष रखी गई है। साथ ही एक कवर में अधिकतम पांच सदस्य और हज यात्रा के लिए 36-42 दिन निर्धारित किए गए हैं। हज यात्रा शुरू करने से एक माह पहले ही कोविड-19 (कोविशील्ड) की दोनों खुराक लेनी होंगी। खास बात यह है कि इस बार हज यात्रियों को हज पर जाने के लिए 4,07000 रुपये प्रति व्यक्ति तक खर्च करने होंगे। जबकि वर्ष 2019 में हजयात्रा पर जाने वालों को अजीजिया क्लास के लिए 2,36,000 रुपये तथा ग्रीन क्लास के लिए 2,82,000 रुपये खर्च करने पड़े थे। चयनित आजमीनों को प्रथम किश्त के रूप में 81000 रुपये जमा करना था।
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हज कमेटी के मास्टर ट्रेनर मुन्ना जाफरी ने बताया कि अभी तक हज पर जाने वाले आजमीनों के लिए 450 लोगों का कोटा निर्धारित था। आवेदन करने वालों की संख्या भी पांच से सात सौ तक रहती थी। वर्ष 2020 और 2021 में करोना के कारण हज कैंसिल कर दिए जाने से जिले के तमाम लोगों की हज की तमन्ना पूरी नहीं हो सकी थी। उनके अनुसार वर्ष 2022 में जिले के लोगों को इसका मौका जरूर मिला।
मगर बहुत से आजमीनों की हसरत पूरी नहीं हो सकी। इस बार हज पर जाने के लिए तैयारी कर रहे लोगों को महंगी हज यात्रा व उम्र की पाबंदी ने उम्मीद तोड़कर रख दिया। हज यात्रा पिछले वर्षों के मुकाबले महंगी हुई है। सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा पर लगने वाले टैक्स में बढ़ोतरी की है। इसका असर हज यात्रा पर हिंदुस्तान से जाने वाले हज यात्रियों की जेब पर पड़ा है। 15 फरवरी तक उनके पास से केवल 57 लोगों ने आवेदन किया था। इसके अलावा 41 लोगों ने दूसरी जगह से फार्म भरा है।
सऊदी सरकार ने बढ़ा दिया है टैक्स
सऊदी सरकार ने हज की खिदमत पर वैट पांच से बढ़ाकर 15 फीसद कर दिया है। नया हज वीजा शुल्क भी हर हाजी से 300 सऊदी रियाल लिया जाएगा। साथ ही 100 सऊदी रियाल स्वास्थ्य बीमा के रूप में लिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण काल के चलते एक कमरे में दो लोगों के ही रुकने का इंतजाम किया गया है। इसी वजह से सऊदी अरब में हाजियों की सेवा के बदले 1050 रियाल (सऊदी अरब की मुद्रा) की बजाय 2500 रियाल लिए जाएंगे। एक सऊदी रियाल वर्तमान समय में हिंदुस्तानी मुद्रा 20 रुपये के बराबर है। स्वास्थ्य बीमा, मक्का व मदीना में होने वाला खर्च, हज वीजा फीस सहित कई मदों में खर्च बढ़ाया गया है।
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कोरोना वायरस के कारण लगातार दो वर्षों से स्थगित की जा रही पाक हज यात्रा के लिए इस बार एक नवंबर 2021 से लेकर 15 फरवरी 2022 तक भारतीय हज कमेटी द्वारा आवेदन मांगे गए थे। मगर हज 2022 के लिए कोरोना वायरस के कारण कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं।
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हज के लिए अधिकतम आयु 65 वर्ष रखी गई है। साथ ही एक कवर में अधिकतम पांच सदस्य और हज यात्रा के लिए 36-42 दिन निर्धारित किए गए हैं। हज यात्रा शुरू करने से एक माह पहले ही कोविड-19 (कोविशील्ड) की दोनों खुराक लेनी होंगी। खास बात यह है कि इस बार हज यात्रियों को हज पर जाने के लिए 4,07000 रुपये प्रति व्यक्ति तक खर्च करने होंगे। जबकि वर्ष 2019 में हजयात्रा पर जाने वालों को अजीजिया क्लास के लिए 2,36,000 रुपये तथा ग्रीन क्लास के लिए 2,82,000 रुपये खर्च करने पड़े थे। चयनित आजमीनों को प्रथम किश्त के रूप में 81000 रुपये जमा करना था।
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हज कमेटी के मास्टर ट्रेनर मुन्ना जाफरी ने बताया कि अभी तक हज पर जाने वाले आजमीनों के लिए 450 लोगों का कोटा निर्धारित था। आवेदन करने वालों की संख्या भी पांच से सात सौ तक रहती थी। वर्ष 2020 और 2021 में करोना के कारण हज कैंसिल कर दिए जाने से जिले के तमाम लोगों की हज की तमन्ना पूरी नहीं हो सकी थी। उनके अनुसार वर्ष 2022 में जिले के लोगों को इसका मौका जरूर मिला।
मगर बहुत से आजमीनों की हसरत पूरी नहीं हो सकी। इस बार हज पर जाने के लिए तैयारी कर रहे लोगों को महंगी हज यात्रा व उम्र की पाबंदी ने उम्मीद तोड़कर रख दिया। हज यात्रा पिछले वर्षों के मुकाबले महंगी हुई है। सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा पर लगने वाले टैक्स में बढ़ोतरी की है। इसका असर हज यात्रा पर हिंदुस्तान से जाने वाले हज यात्रियों की जेब पर पड़ा है। 15 फरवरी तक उनके पास से केवल 57 लोगों ने आवेदन किया था। इसके अलावा 41 लोगों ने दूसरी जगह से फार्म भरा है।
सऊदी सरकार ने बढ़ा दिया है टैक्स
सऊदी सरकार ने हज की खिदमत पर वैट पांच से बढ़ाकर 15 फीसद कर दिया है। नया हज वीजा शुल्क भी हर हाजी से 300 सऊदी रियाल लिया जाएगा। साथ ही 100 सऊदी रियाल स्वास्थ्य बीमा के रूप में लिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण काल के चलते एक कमरे में दो लोगों के ही रुकने का इंतजाम किया गया है। इसी वजह से सऊदी अरब में हाजियों की सेवा के बदले 1050 रियाल (सऊदी अरब की मुद्रा) की बजाय 2500 रियाल लिए जाएंगे। एक सऊदी रियाल वर्तमान समय में हिंदुस्तानी मुद्रा 20 रुपये के बराबर है। स्वास्थ्य बीमा, मक्का व मदीना में होने वाला खर्च, हज वीजा फीस सहित कई मदों में खर्च बढ़ाया गया है।