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प्रतापगढ़ : राजाभैया के प्रतिनिधि के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली युवती 18 वर्ष से गायब
Tue, 09 Nov 2021 11:36 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 11:36 PM IST
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पूर्व मंत्री राजा भैया
- फोटो : Twitter @Raghuraj_Bhadri
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एक गांव की युवती कुंडा कोतवाली में खुद को अगवा कर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट लिखवाने के बाद गायब हो गई। 18 वर्ष बीतने के बाद भी उसका पता नहीं चला और न ही घर वाले कुछ बताने के लिए तैयार हैं। उसके गायब होने के चलते पुलिस ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। हालांकि बाद में दोबारा विवेचना की और चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद भी युवती नहीं आई। कोर्ट ने उसकी खोजबीन करने के लिए कुंडा पुलिस को फिर आदेशित किया है।
कुंडा के एक गांव की युवती ने 13 मई 2002 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसे पुराना कुंडा इलाके से पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, उनके यहां काम करने वाले नन्हे सिंह, सुभाष केसरवानी ने अगवा कर दुराचार किया। विरोध करने पर गालीगलौज और मारपीट की। साथ ही जानलेवा धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर 20 अगस्त 2002 को सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
तत्कालीन विवेचक ने एक सप्ताह में ही सभी आरोपियों को निर्दोष बताते हुए 27 अगस्त 2002 को मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़िता ने पुन: फरियाद की तो मामले की फिर से विवेचना शुरू हुई। इसमें सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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यह मामला न्यायालय में चल रहा है। मुकदमे की तारीखों पर पीड़िता के नहीं आने से न्यायालय की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। न्यायालय ने पुलिस को उसे 10 नवंबर 2021 को मुकदमे की तारीख पर हाजिर करने के लिए कहा है। अब पुलिस पीड़िता की खोज कर रही है, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा है। इस मामले में पीड़िता के घरवाले भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हैं।
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कुंडा के एक गांव की युवती ने 13 मई 2002 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसे पुराना कुंडा इलाके से पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, उनके यहां काम करने वाले नन्हे सिंह, सुभाष केसरवानी ने अगवा कर दुराचार किया। विरोध करने पर गालीगलौज और मारपीट की। साथ ही जानलेवा धमकी भी दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर 20 अगस्त 2002 को सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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तत्कालीन विवेचक ने एक सप्ताह में ही सभी आरोपियों को निर्दोष बताते हुए 27 अगस्त 2002 को मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़िता ने पुन: फरियाद की तो मामले की फिर से विवेचना शुरू हुई। इसमें सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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यह मामला न्यायालय में चल रहा है। मुकदमे की तारीखों पर पीड़िता के नहीं आने से न्यायालय की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। न्यायालय ने पुलिस को उसे 10 नवंबर 2021 को मुकदमे की तारीख पर हाजिर करने के लिए कहा है। अब पुलिस पीड़िता की खोज कर रही है, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा है। इस मामले में पीड़िता के घरवाले भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हैं।