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लड़कों के साथ पढ़ने को तैयार नहीं लड़कियां
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:07 AM IST
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लड़कों के साथ पढ़ने के लिए लड़कियां तैयार नहीं है। जिले में स्थित राजकीय कालेजों में नए शिक्षा सत्र में विभाग की ओर से को-एजुकेशन की व्यवस्था की गई। तैयारी थी कि लड़के-लड़कियां साथ क्लास करेंगे, लेकिन राजकीय कालेजों में एक भी बालिकाओं ने एडमिशन ही नहीं लिया।
जिले में कुल 34 राजकीय हाईस्कूल व इंटर कालेज हैं। राजकीय बालिका इंटर कालेजों के अलवा गांवों में स्थित राजकीय इंटर कालेजों में छात्रों के साथ छात्राओं के पठन-पाठन की व्यवस्था पहले से ही थी। मगर शहर के मध्य में स्थित जीआईसी में को-एजुकेशन की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में विभाग की तरफ से इस जीआईसी में भी को-एजुकेशन व्यवस्था को लेकर पहल की गई। निर्देश दिया गया कि यहां भी को एजुकेशन क्लास का संचालन नए शिक्षासत्र से शुरू किया जाए। नए शिक्षासत्र से प्रवेश प्रक्रिया का क्रम शुरू हो गया और उसका अंतिम चरण भी चल रहा है, मगर अब तक एक भी बालिका का दाखिला नहीं हो सका। वहीं गांवों में स्थित राजकीय इंटर कालेजों में पहले से ही चल रहे को-एजुकेशन का हाल भी बुरा है, पहले की तरह भी एडमिशन प्रतिशत में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। पहले की तरह अभिभावक कालेजों में अपने बेटियाें के दाखिले को लेकर उतनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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जिले में कुल 34 राजकीय हाईस्कूल व इंटर कालेज हैं। राजकीय बालिका इंटर कालेजों के अलवा गांवों में स्थित राजकीय इंटर कालेजों में छात्रों के साथ छात्राओं के पठन-पाठन की व्यवस्था पहले से ही थी। मगर शहर के मध्य में स्थित जीआईसी में को-एजुकेशन की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में विभाग की तरफ से इस जीआईसी में भी को-एजुकेशन व्यवस्था को लेकर पहल की गई। निर्देश दिया गया कि यहां भी को एजुकेशन क्लास का संचालन नए शिक्षासत्र से शुरू किया जाए। नए शिक्षासत्र से प्रवेश प्रक्रिया का क्रम शुरू हो गया और उसका अंतिम चरण भी चल रहा है, मगर अब तक एक भी बालिका का दाखिला नहीं हो सका। वहीं गांवों में स्थित राजकीय इंटर कालेजों में पहले से ही चल रहे को-एजुकेशन का हाल भी बुरा है, पहले की तरह भी एडमिशन प्रतिशत में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। पहले की तरह अभिभावक कालेजों में अपने बेटियाें के दाखिले को लेकर उतनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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