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फर्जीवाड़ा : अपात्रों को बांट दिया पट्टा
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फर्जीवाड़ा : अपात्रों को बांट दिया पट्टा
प्रधान पर ग्राम समाज की 20 बीघा जमीन हथियाने का आरोप
प्रतापगढ़। जिले के लालगंज इलाके के नौढ़िया गांव में लेखपाल और प्रधान ने मिलकर अपात्रों को पट्टा बांट दिया। आरोप है कि प्रधान ने परिजनों के नाम 20 बीघे जमीन हथिया ली है। आश्चर्य की बात तो यह रही कि एक बार अपात्र बताकर पात्रता सूची से बाहर करने वाले लाभार्थियों से सौदेबाजी कर सरकारी जमीन रेवड़ी की तरह बांट दी गई है।
लालगंज तहसील के नौढ़िया गांव में 31 जुलाई 2018 को 183 लोगों को पट्टा बांटा गया है। गांव के रामऔतार, दारा सिंह, शैलेंद्र यादव, दिनेश यादव, नन्हेलाल, दिलीपकुमार सहित लगभग दो दर्जन लोगों ने सीआरओ से मिलकर आरोप लगाया है कि गांव के प्रधान और लेखपाल ने 70-70 हजार रुपये लेकर अपात्रों को पट्टा बांट दिया गया है। प्रधान ने परिजनों के नाम 20 बीघा जमीन का पट्टा करने के साथ ही विदेश में रहने वाले लोगों के नाम भी सरकारी जमीन आवंटित कर दी है। भूमिहीन और पिछड़ी जाति के लोगों को पात्रता सूची से बाहर कर अपात्र लोगों को पट्टा दिया गया है। गांव के लोगों की मानें तो लेखपाल ने पूर्व में जिन लोगों को अपात्र बनाकर सूची से बाहर कर दिया था, उन लोगों से सौदेबाजी कर पट्टा आवंटित कर दिया गया है। सीआरओ ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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प्रधान पर ग्राम समाज की 20 बीघा जमीन हथियाने का आरोप
प्रतापगढ़। जिले के लालगंज इलाके के नौढ़िया गांव में लेखपाल और प्रधान ने मिलकर अपात्रों को पट्टा बांट दिया। आरोप है कि प्रधान ने परिजनों के नाम 20 बीघे जमीन हथिया ली है। आश्चर्य की बात तो यह रही कि एक बार अपात्र बताकर पात्रता सूची से बाहर करने वाले लाभार्थियों से सौदेबाजी कर सरकारी जमीन रेवड़ी की तरह बांट दी गई है।
लालगंज तहसील के नौढ़िया गांव में 31 जुलाई 2018 को 183 लोगों को पट्टा बांटा गया है। गांव के रामऔतार, दारा सिंह, शैलेंद्र यादव, दिनेश यादव, नन्हेलाल, दिलीपकुमार सहित लगभग दो दर्जन लोगों ने सीआरओ से मिलकर आरोप लगाया है कि गांव के प्रधान और लेखपाल ने 70-70 हजार रुपये लेकर अपात्रों को पट्टा बांट दिया गया है। प्रधान ने परिजनों के नाम 20 बीघा जमीन का पट्टा करने के साथ ही विदेश में रहने वाले लोगों के नाम भी सरकारी जमीन आवंटित कर दी है। भूमिहीन और पिछड़ी जाति के लोगों को पात्रता सूची से बाहर कर अपात्र लोगों को पट्टा दिया गया है। गांव के लोगों की मानें तो लेखपाल ने पूर्व में जिन लोगों को अपात्र बनाकर सूची से बाहर कर दिया था, उन लोगों से सौदेबाजी कर पट्टा आवंटित कर दिया गया है। सीआरओ ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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