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गंगाएक्सप्रेसवे: 2145 किसानों को बांटा 410.23 करोड़ रुपये मुआवजा
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जिले से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के लिए लालगंज और कुंडा तहसीलों के 3146 किसानों की 472 हेक्टेअयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। अभी तक 2145 किसानों को 410.23 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में वितरित किया जा चुके हैं। बचे हुए किसानों को मुआवजा देेने के लिए गांव में अधिकारियों के साथ बैठकें हो रही हैं।
जिले में 44 किमी तक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को प्रारंभ करने के लिए अफसरों ने तेजी दिखाना प्रारंभ कर दिया है। लालगंज और कुंडा तहसीलों के रास्ते से गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेसवे में लालगंज के 12 और कुंडा के 31 गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। 43 गांवों के किसानों की 472 हेक्टेयर जमीन का जिला प्रशासन ने अभी तक अधिग्रहण किया है। जबकि 132 हेक्टेयर जमीन सरकारी जा रही है।
किसानों के भूमिधरी खेत और बाग का अंकन करके उन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। पहले चरण में 2145 किसानों को 410.23 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा जा चुका है। जबकि 1007 किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके लिए तहसीलों के एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में 44 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे में 604.23 हेक्टेयर जमीन जा रही है। जिसमें 472.23 हेक्टेयर जमीन किसानों की है।
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तालाब की जमीन को दर्ज करा लिया अपने नाम
कुंडा तहसील में सरकारी जमीनों को अपने नाम करवाने का मामला उजागर हुआ है। झींगुर गांव में पूर्व दर्ज तालाब की आराजी को एक व्यक्ति ने अपने नाम करा लिया है। राजस्व विभाग अभिलेखों को खोज रहा है, मगर अभिलेखागार में उसके ठोस प्रमाण नहीं मिल रहे हैं। इससे मुआवजा भुगतान का कार्य नहीं हो पा रहा है।
विवादित मामलों में कोर्ट में जमा होगी धनराशि
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में उन जमीनों का मालिकाना हक निर्धारण करने में अधिकारी अपना समय नहीं गवाएंगे, जो विवादित हैं। जिनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। दरअसल, अधिकारियों ने फैसला किया है कि विवादित जमीन के मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा कर दी जाएगी। जिस पक्ष को जीत मिलेगी, उसी को भुगतान कर दिया जाएगा। इससे निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं उत्पन्न होगी।
मुआवजा भुगतान के लिए मिले थे 455 करोड़
कुंडा और लालगंज के किसानों को मुआवजे का भुगतान करने के लिए 455 करोड़ रुपये मिले थेे। जिसमें से 410 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। ज बकि 45 करोड़ रुपये अभी बचे हुए हैं। हालांकि मुआवजे की धनराशि खत्म होेने पर शासन से मांग की जाएगी।
जिन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, उनके खाते में मुआवजे की धनराशि भेजी जा रही है। जो विवादित मामले हैं , उनकी धनराशि कोर्ट में जमा कराई जा रही है।
के पक्ष में निर्णय आएगा, उसे मुआवजे की धनराशि भुगतान की जाएगी। इंद्रभूषण वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी
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जिले में 44 किमी तक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को प्रारंभ करने के लिए अफसरों ने तेजी दिखाना प्रारंभ कर दिया है। लालगंज और कुंडा तहसीलों के रास्ते से गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेसवे में लालगंज के 12 और कुंडा के 31 गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। 43 गांवों के किसानों की 472 हेक्टेयर जमीन का जिला प्रशासन ने अभी तक अधिग्रहण किया है। जबकि 132 हेक्टेयर जमीन सरकारी जा रही है।
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किसानों के भूमिधरी खेत और बाग का अंकन करके उन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे का भुगतान किया जा रहा है। पहले चरण में 2145 किसानों को 410.23 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा जा चुका है। जबकि 1007 किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके लिए तहसीलों के एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में 44 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे में 604.23 हेक्टेयर जमीन जा रही है। जिसमें 472.23 हेक्टेयर जमीन किसानों की है।
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तालाब की जमीन को दर्ज करा लिया अपने नाम
कुंडा तहसील में सरकारी जमीनों को अपने नाम करवाने का मामला उजागर हुआ है। झींगुर गांव में पूर्व दर्ज तालाब की आराजी को एक व्यक्ति ने अपने नाम करा लिया है। राजस्व विभाग अभिलेखों को खोज रहा है, मगर अभिलेखागार में उसके ठोस प्रमाण नहीं मिल रहे हैं। इससे मुआवजा भुगतान का कार्य नहीं हो पा रहा है।
विवादित मामलों में कोर्ट में जमा होगी धनराशि
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में उन जमीनों का मालिकाना हक निर्धारण करने में अधिकारी अपना समय नहीं गवाएंगे, जो विवादित हैं। जिनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। दरअसल, अधिकारियों ने फैसला किया है कि विवादित जमीन के मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा कर दी जाएगी। जिस पक्ष को जीत मिलेगी, उसी को भुगतान कर दिया जाएगा। इससे निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं उत्पन्न होगी।
मुआवजा भुगतान के लिए मिले थे 455 करोड़
कुंडा और लालगंज के किसानों को मुआवजे का भुगतान करने के लिए 455 करोड़ रुपये मिले थेे। जिसमें से 410 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। ज बकि 45 करोड़ रुपये अभी बचे हुए हैं। हालांकि मुआवजे की धनराशि खत्म होेने पर शासन से मांग की जाएगी।
जिन किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, उनके खाते में मुआवजे की धनराशि भेजी जा रही है। जो विवादित मामले हैं , उनकी धनराशि कोर्ट में जमा कराई जा रही है।
के पक्ष में निर्णय आएगा, उसे मुआवजे की धनराशि भुगतान की जाएगी। इंद्रभूषण वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी