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सज गए गणेश पंडाल, वैदिक मंत्रों के बीच विराजमान हुए गजानन
Sat, 11 Sep 2021 09:43 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 09:43 PM IST
सार
गणेश उत्सव की तैयारियों में जुटीं समितियों का उत्साह शुक्रवार को चरम पर था। सुबह पंडालों को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों से सजाया गया। पंडालों की छटा देखते ही बन रही थी। शुक्रवार को दिनभर पंडालों में पूजन-अर्चन का कार्यक्रम चला।
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श्याम विहारी गली दुर्गा मंदिर में गणपति प्रतिमा स्थापित कर पूजन करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
विस्तार
रंग-बिरंगे फूलों, झालरों से आकर्षक झांकियां सजाने के साथ ही शुक्रवार भादो की चतुर्थी पर गणपति महोत्सव का आगाज हुआ। वैदिक मंत्रों के बीच पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। शाम को ढोल, नगाड़े की थाप के बीच महाआरती हुई। गणपति बप्पा मोरया के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। कोविड नियमों के बीच भक्तों ने दर्शन-पूजन किया।
गणेश उत्सव की तैयारियों में जुटीं समितियों का उत्साह शुक्रवार को चरम पर था। सुबह पंडालों को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों से सजाया गया। पंडालों की छटा देखते ही बन रही थी। शुक्रवार को दिनभर पंडालों में पूजन-अर्चन का कार्यक्रम चला। मुहूर्त के अनुसार पुरोहितों ने पंडालों में गणेश प्रतिमा की स्थापना कराई। शहर की श्याम बिहारी गली में भव्य पंडाल सजाया गया था। शाम को इलेक्ट्रॉनिक झालरों से पंडाल चमक उठे।
महाआरती में भक्तों की कतार लग गई। कोविड नियमों के तहत भक्तगण महाआरती में शामिल हुए। चिलबिला में सजे पंडाल में भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना हुई। शाम को दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। कोविड के चलते अधिकांश स्थानों पर इस बार पंडाल नहीं सजे। शहर में अधिकांश लोगों ने घरों में ही भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा की स्थापना कर पूजन-अर्चन शुरू किया।
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दिनभर पंडित व पुरोहित व्यस्त रहे। रानीगंज बाजार में समिति के पदाधिकारियों ने पंडाल सजाया। शाम को वैदिक मंत्रों के बीच प्रतिमा की स्थापना की। ज्योतिषाचार्य आलोक मिश्रा ने बताया कि 11 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के महापर्व पर इस बार अद्भुत ग्रहों का संयोग है। इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे।
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गणेश उत्सव की तैयारियों में जुटीं समितियों का उत्साह शुक्रवार को चरम पर था। सुबह पंडालों को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों से सजाया गया। पंडालों की छटा देखते ही बन रही थी। शुक्रवार को दिनभर पंडालों में पूजन-अर्चन का कार्यक्रम चला। मुहूर्त के अनुसार पुरोहितों ने पंडालों में गणेश प्रतिमा की स्थापना कराई। शहर की श्याम बिहारी गली में भव्य पंडाल सजाया गया था। शाम को इलेक्ट्रॉनिक झालरों से पंडाल चमक उठे।
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महाआरती में भक्तों की कतार लग गई। कोविड नियमों के तहत भक्तगण महाआरती में शामिल हुए। चिलबिला में सजे पंडाल में भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना हुई। शाम को दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। कोविड के चलते अधिकांश स्थानों पर इस बार पंडाल नहीं सजे। शहर में अधिकांश लोगों ने घरों में ही भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा की स्थापना कर पूजन-अर्चन शुरू किया।
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दिनभर पंडित व पुरोहित व्यस्त रहे। रानीगंज बाजार में समिति के पदाधिकारियों ने पंडाल सजाया। शाम को वैदिक मंत्रों के बीच प्रतिमा की स्थापना की। ज्योतिषाचार्य आलोक मिश्रा ने बताया कि 11 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के महापर्व पर इस बार अद्भुत ग्रहों का संयोग है। इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे।

रिफ्यूजी कालोनी में गणेश चतुर्थी पर गणपति प्रतिमा स्थापित करते सिंधी समाज के लोग। संवाद- फोटो : PRATAPGARH