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जिले के सभी ग्राम पंचायतों में बनेेंगे खेल के मैदान
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जिले के सभी ग्राम पंचायतों में बनेेंगे खेल के मैदान
योगी सरकार ने खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए अब जिले के सभी 1255 ग्राम पंचायतों में स्टेडियम बनाने का फैसला लिया है। अगर ग्राम पंचायत में कई राजस्व गांव हैं, तो जिस राजस्व गांव में ग्राम समाज की अधिक जमीन होगी, उसी गांव में स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल लेखपालों और ग्राम प्रधानों को खेल का मैदान बनाने के लिए स्थल चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
योगी सरकार ने बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के साथ ही खेलने-कूदने का भरपूर अवसर देने के लिए अब गांव में खेल का मैदान तैयार कराने के साथ ही खेल के उपकरण भी मुहैया कराने का फैसला लिया है। पहले चरण में स्थल चयन, दूसरे चरण में निर्माण और तीसरे चरण में खेल सामानों की उपलब्धता निश्चित की जाएगी। जिले के 1255 ग्राम पंचायतों के लेखपालों और प्रधानों को पत्र जारी कर अविलंब स्थल चयन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। एक ग्राम पंचायत में एक ही खेल का मैदान चिंहित किया जाएगा। खेल का मैदान उसी राजस्व गांव में निर्मित होगा, जिसमें अधिक जमीन होगी। खेल के मैदान के लिए अधिकतम एक बीघा जमीन की मांग की गई है। अगर ग्राम पंचायत में एक बीघा जमीन नहीं है, तो पांच विस्वा से भी काम चल जाएगा। खेल का मैदान ऐसे स्थान पर चयनित किया जाएगा, जहां स्टेडियम बनने पर उसकी उपयोगिता हो, निर्जन स्थान पर स्टेडियम का निर्माण नहीं कराया जाएगा। फिलहाल जिला प्रशासन ने जो रणनीति बनाई है, उसके मुताबिक खेल के मैदान को सभी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। जिससे खिलाड़ियों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान की जमीन पर अवैध कब्जा है। गांव के लोगों ने अवैध कब्जा करके पक्का निर्माण कर लिए हैं। इससे जमीन तलाशने में लेखपालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेखपाल अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाना चाहते हैं।
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लेखपालों और प्रधानों को पत्र जारी कर गांव में स्टेडियम बनाने के लिए चिह्नित कर सप्ताह भर के अंदर प्रस्ताव देने को कहा गया है। अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डा. अमितपाल शर्मा, सीडीओ
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योगी सरकार ने खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए अब जिले के सभी 1255 ग्राम पंचायतों में स्टेडियम बनाने का फैसला लिया है। अगर ग्राम पंचायत में कई राजस्व गांव हैं, तो जिस राजस्व गांव में ग्राम समाज की अधिक जमीन होगी, उसी गांव में स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल लेखपालों और ग्राम प्रधानों को खेल का मैदान बनाने के लिए स्थल चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
योगी सरकार ने बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के साथ ही खेलने-कूदने का भरपूर अवसर देने के लिए अब गांव में खेल का मैदान तैयार कराने के साथ ही खेल के उपकरण भी मुहैया कराने का फैसला लिया है। पहले चरण में स्थल चयन, दूसरे चरण में निर्माण और तीसरे चरण में खेल सामानों की उपलब्धता निश्चित की जाएगी। जिले के 1255 ग्राम पंचायतों के लेखपालों और प्रधानों को पत्र जारी कर अविलंब स्थल चयन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। एक ग्राम पंचायत में एक ही खेल का मैदान चिंहित किया जाएगा। खेल का मैदान उसी राजस्व गांव में निर्मित होगा, जिसमें अधिक जमीन होगी। खेल के मैदान के लिए अधिकतम एक बीघा जमीन की मांग की गई है। अगर ग्राम पंचायत में एक बीघा जमीन नहीं है, तो पांच विस्वा से भी काम चल जाएगा। खेल का मैदान ऐसे स्थान पर चयनित किया जाएगा, जहां स्टेडियम बनने पर उसकी उपयोगिता हो, निर्जन स्थान पर स्टेडियम का निर्माण नहीं कराया जाएगा। फिलहाल जिला प्रशासन ने जो रणनीति बनाई है, उसके मुताबिक खेल के मैदान को सभी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। जिससे खिलाड़ियों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
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जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान की जमीन पर अवैध कब्जा है। गांव के लोगों ने अवैध कब्जा करके पक्का निर्माण कर लिए हैं। इससे जमीन तलाशने में लेखपालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेखपाल अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाना चाहते हैं।
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लेखपालों और प्रधानों को पत्र जारी कर गांव में स्टेडियम बनाने के लिए चिह्नित कर सप्ताह भर के अंदर प्रस्ताव देने को कहा गया है। अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डा. अमितपाल शर्मा, सीडीओ