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48 करोड़ दबाकर बैठे, सड़कों पर वाहन भर रहे फर्राटा

Fri, 06 May 2022 12:36 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2022 12:36 AM IST
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Forty eight crore tax arrears on commercial vehicles
प्रतापगढ़। जिले में साढ़े सात हजार से अधिक व्यावसायिक वाहन बिना टैक्स जमा किए ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहनों पर करीब 48 करोड़ रुपये का टैक्स बाकी है। बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी वाहन स्वामी टैक्स जमा करने के लिए तैयार नहीं हैं। इनमेें आधे से अधिक वाहनों का फिटनेस भी समाप्त हो गया है। अब विभाग पांच साल से अधिक समय तक टैक्स जमा न करने वाले वाहनों को जब्त करने की तैयारी में है।
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परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 7558 व्यावसायिक वाहनों ने टैक्स जमा नहीं किया है। इन वाहनों में बस, ट्रक, टेंपो, मैजिक, लोडर, जेसीबी, ई-रिक्शा, पिकअप समेत अन्य वाहन शामिल हैं। इनमें तमाम वाहन ऐसे भी हैं जिनका पांच साल से टैक्स बकाया है। उपसंभागीय परिवहन विभाग की तरफ से बकाया जमा करने के लिए वाहन स्वामियों को लगातार नोटिस भेजा जाता रहा लेकिन, वे आगे नहीं आ रहे हैं। वाहनों से बकाया वसूली के लिए लगातार बन रहे दबाव को देखते हुए विभागीय अधिकारी भी धरपकड़ अभियान शुरू करने का दावा करते हैं मगर, हकीकत में केवल औपचारिकता ही निभाई जाती है। टैक्स जमा न करने वाले 90 फीसदी वाहन सड़कों पर हर दिन फर्राटा भर रहे हैं। दस फीसदी वाहन खड़ेे हैं। गौर करने वाली बात ये है कि इन वाहनों में अधिकांश ऐसे भी हैं जिनका फिटनेेस समाप्त हो चुका है। इसके बाद भी उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। शासन की सख्ती के बाद अब विभाग ऐसे वाहनों को जब्त करने की तैयारी में जुटा है।
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बदल देते हैं नंबर प्लेट
परिवहन विभाग के करोड़ों रुपये दबाकर बैठे वाहन स्वामी बेखौफ सड़कों पर अपने वाहन दौड़ा रहे हैं। किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए वे पहले से जुगत लगाए रहते हैं। जिले में पहुंचने से पहले ही वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते हैं। उन वाहनों की नंबर प्लेट लगा दी जाती है जिनका टैक्स जमा होने के साथ ही फिटनेस भी रहती है। ऐसे में विभागीय अधिकारी भी गच्चा खा जाते हैं।
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कोरोनाकाल में बढ़े बकाएदार
कोरोना काल में व्यावसायिक गतिविधियां ठप रहने से भारी वाहन मालिकों को अपेक्षानुरूप आय नहीं हो सकी। इसके चलते अधिकांश वाहन मालिकों ने टैक्स जमा नहीं कराया। संकट को देखते हुए सरकार ने वाहन स्वामियों को छूट दी लेकिन, इसके बाद भी वे आगे नहीं आए। इससे सरकारी टैक्स की राशि बढ़ती चली गई। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद सरकार ने टैक्स वसूली के लिए बैठकों को दौर शुरू किया तो अब अधिकारी ऐसे वाहनों की धरपकड़ करने में जुट गए हैं।

पंजीकृत 7558 वाहनों का 48 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। जिसकी वसूली के लिए प्रयास जारी है। अभी तक 453 वाहनों से करीब साढ़े चार लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। अब बकाया वाहन स्वामियों को मौका नहीं दिया जाएगा। वाहन मिलते ही जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
सुशील मिश्रा, एआरटीओ, प्रशासन
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