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बड़े डाक्टरों के नाम का बोर्ड लगाकर मरीजों के जान से खेल रहे प्राइवेट अस्पताल

Fri, 28 Feb 2020 12:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2020 12:39 AM IST
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forgery in the name of famous doctors in private hospitals
नामी डाक्टरों के नाम का बोर्ड लगाकर ठग रहे प्राइवेट अस्पताल
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जिले में संचालित हो रहे ज्यादातर प्राइवेट अस्पताल और मेडिकल स्टोर संचालक बड़े डॉक्टरों के नाम का बोर्ड लगाकर मरीजों को ठग रहे हैं। अस्पतालों ने प्रयागराज और लखनऊ के साथ नामी चिकित्सकों के नाम अस्पताल के बोर्ड पर लिखवा रखा है। इन चिकित्सकों के नाम पर मरीज इलाज कराने के लिए भागे आते हैं। अस्पताल आने पर मोटी रकम लेकर इलाज कोई और डाक्टर करता है।
जिले में संचालित हो रहे प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल स्टोर में ज्यादातर संचालकों ने अपने गेट पर चिकित्सकों की होर्डिंग और बोर्ड लगवा रखा है। उन चिकित्सकों का नाम बोर्ड पर लिखवा रखे हैं जो प्रयागराज और लखनऊ में काफी चर्चित हैं। इन चिकित्सकों का नाम देखकर मरीजों की भीड़ लगती है। मरीजों को यह जानकारी दी जाती है कि डॉक्टर इन दिनों विदेश में है। जो दवा लिखी जा रही है वह डॉक्टर से बात करके लिखी जाती है। कई बार इलाज कराने के बाद जब मरीजों का आराम नहीं होता है तो वे प्रयागराज और लखनऊ के चक्कर काटने लगते हैं। मजेदार बात यह भी है कि शहर के कई मेडिकल स्टोरों पर सरकारी अस्पतालों में नियुक्ति चिकित्सकों के नाम के बोर्ड लगे हैं। इस ओर सीएमओ कभी ध्यान नहीं देते हैं।
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मेडिकल स्टोर हो या फिर क्लीनिक अथवा नर्सिंगहोम। यदि बाहरी चिकित्सक आकर मरीजों की जांच और इलाज करते हैं तो इसके लिए सीएमओ आफिस में उन्हें अपना पंजीयन कराना पड़ता है। मगर नर्सिंगहोम संचालकों के साथ एक से दो चिकित्सकों का ही पंजीयन हुआ है। बाकी सब अवैध तरीके से बैठते हैं। इनमें शहर के अस्पतालों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर में बैठने वाले चिकित्सकों का लाइसेंस सीएमओ आफिस से नहीं जारी किया है। इतना ही नहीं दो मेडिकल स्टोर संचालकों ने चिकित्सकों को बैठाने के लिए सीएमओ से अनुमति ली है।
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बाकी मेडिकल स्टोर संचालक अपनी कमाई के चक्कर में प्रयागराज और लखनऊ के चिकित्सकों का बोर्ड लगाकर सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों को बैठाकर मरीजों का इलाज कराने के साथ ही उनसे कमीशन वाली दवाएं लिखवाते हैं। डॉक्टर को महज फीस देते हैं। मेडिकल स्टोर पर बैठने वाले डॉक्टर जो दवा लिखते हैं वह उसी स्थान पर मिलती है।
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