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Pratapgarh News: संस्कृत विद्यालय के नाम से कराया कूटरचित पंजीकरण
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कूटरचित दस्तावेज के सहारे जालसाजों ने पूर्व से संचालित संस्कृत विद्यालय के नाम से ही दूसरे विद्यालय का पंजीकरण करा लिया। प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पट्टी तहसील क्षेत्र के गौरामाफी में मुनीश्वर संस्कृत महाविद्यालय वर्ष 1987 से संचालित है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से महाविद्यालय को 2027 तक की मान्यता भी मिली है। प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक की पढ़ाई के लिए संस्था के नाम से तीन विद्यालयों का लगातार संचालन हो रहा है। प्रबंधक उमेशचंद्र पांडेय का आरोप है कि 2004 से वह प्रबंधक पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गौरामाफी निवासी अंकुर पांडेय ने अपने साथी बैजलपुर के सूर्यभान सिंह, जौनपुर के सुजियामऊ निवासी सुनील उपाध्याय, गौरामाफी के राहुल पांडेय, जौनपुर के अमावा कला निवासी अजय शंकर दुबे, संभल जिले के तखतपुर निवासी फहीम हुसैन, जौनपुर के डोनौली निवासी अजय मिश्रा, जौनपुर के बक्सा निवासी सुभाषचंद्र मिश्रा, पट्टी के सोनपुर निवासी चंदन मिश्रा, मानापुर निवासी रोहित सिंह के साथ मिलीभगत कर स्वयं को विद्यालय का प्रबंधक घोषित कर दिया।
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तीन अक्तूबर को सुबह 10.30 बजे करीब 50 लोगों के साथ विद्यालय पहुंचकर बैठक करने लगे। विरोध करने पर मारपीट कर धमकी दी।
आरोप है कि इन लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विद्यालय के मिलते-जुलते नाम से इस साल पांच अगस्त को नई संस्था का पंजीकरण करा लिया। डीआईओएस कार्यालय में हुए सत्यापन के बाद संस्था को फर्जी घोषित कर दिया गया है। प्रबंधक ने एसपी को तहरीर देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि प्रबंधक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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पट्टी तहसील क्षेत्र के गौरामाफी में मुनीश्वर संस्कृत महाविद्यालय वर्ष 1987 से संचालित है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से महाविद्यालय को 2027 तक की मान्यता भी मिली है। प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक की पढ़ाई के लिए संस्था के नाम से तीन विद्यालयों का लगातार संचालन हो रहा है। प्रबंधक उमेशचंद्र पांडेय का आरोप है कि 2004 से वह प्रबंधक पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
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आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गौरामाफी निवासी अंकुर पांडेय ने अपने साथी बैजलपुर के सूर्यभान सिंह, जौनपुर के सुजियामऊ निवासी सुनील उपाध्याय, गौरामाफी के राहुल पांडेय, जौनपुर के अमावा कला निवासी अजय शंकर दुबे, संभल जिले के तखतपुर निवासी फहीम हुसैन, जौनपुर के डोनौली निवासी अजय मिश्रा, जौनपुर के बक्सा निवासी सुभाषचंद्र मिश्रा, पट्टी के सोनपुर निवासी चंदन मिश्रा, मानापुर निवासी रोहित सिंह के साथ मिलीभगत कर स्वयं को विद्यालय का प्रबंधक घोषित कर दिया।
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तीन अक्तूबर को सुबह 10.30 बजे करीब 50 लोगों के साथ विद्यालय पहुंचकर बैठक करने लगे। विरोध करने पर मारपीट कर धमकी दी।
आरोप है कि इन लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर विद्यालय के मिलते-जुलते नाम से इस साल पांच अगस्त को नई संस्था का पंजीकरण करा लिया। डीआईओएस कार्यालय में हुए सत्यापन के बाद संस्था को फर्जी घोषित कर दिया गया है। प्रबंधक ने एसपी को तहरीर देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि प्रबंधक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।