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पिंजड़ा बदलकर कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया तेंदुआ

Tue, 14 Nov 2017 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Tue, 14 Nov 2017 11:29 PM IST
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leopard sent to kanpur zoo
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah

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मंगलवार को करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घायल तेंदुए को पिंजड़ा बदलकर कानपुर भेजा गया। दोपहर में पिंजड़े को पिकअप पर लादकर वन विभाग की टीम तेंदुए को कानपुर चिड़ियाघर ले गई। शिफ्टिंग के दौरान तेंदुए की दहाड़ से लोग सहम जा रहे थे।
शुक्रवार को बाघराय बाजार में आतंक मचाने वाले तेंदुए को पकड़कर वन विभाग की टीम चिलबिला ले आई थी। काबू करने के दौरान तेंदुए का मुंह बुरी तरह से जख्मी हो गया था। यहां डीएफओ वाईपी शुक्ल के नेतृत्व मेें डाक्टरों की टीम तीन दिन तक लगातार उपचार में लगी रही। इस बीच कानपुर चिड़ियाघर ले जाने के लिए दो बार योजना बनाई गई, मगर हालत में सुधार न होने व कानपुर चिड़ियाघर में आए दो तेंदुओं के वाइल्ड रिलीज प्रक्रिया की वजह से योजना स्थगित करनी पड़ी थी। वहां से सोमवार की देररात डीएफओ वाईपी शुक्ल को संदेश मिला कि तेंदुए को मंगलवार को भेजा जाए। इस पर मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे डीएफओ वाईपी शुक्ल के साथ वन दरोगा श्रीराम, शेर अली, लल्लन सिंह, किशोर कुुमार, संदीप सहित वनकर्मी तेंदुए को दूसरे पिजड़े में शिफ्ट करने में जुट गए। नए पिंजड़े को घायल तेेंदुए के पिजड़े से जोड़ा गया। दोनों पिजड़ों को केबिल से कसा गया। इसमें करीब तीन घंटे का समय लग गया। वहीं करीब एक घंटे से अधिक उसे नए पिजड़े में लाने में लग गया। नए पिजड़े में लाने के बाद पिकअप पर लादकर डीएफओ वाइपी शुक्ल के साथ टीम कानपुर रवाना हुई। इस दौरान घायल तेंदुआ दहाड़ता रहा।
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लल्लन की बहादुरी रही चर्चा में
नए पिजड़े मेें शिफ्टिंग के दौरान कार्यालय पर वन कर्मी लल्लन सिंह की बहादुर की चर्चा रही। बाघराय में संकरी गली से दबोचकर वन विभाग तक लाने व नए पिजड़े में शिफ्टिंग तक में लल्लन की अहम भूमिका रही।
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नए पिंजड़े को प्लाइबोर्ड से किया गया था कवरः जिस पिजड़े में बाघराय से तेंदुए को लाया था वह लारी पिंजड़ा था, मगर जिस पिंजड़े से वन विभाग की टीम उसे कानपुर ले गई, वह ट्रांसफर केज था। तेंदुए को ले जाते समय इस पिंजड़े के प्लाइबोर्ड से ढका गया था। जिससे की तेंदुआ पिजड़े से न टकराए, और उसकी दहाड़ न सुनाई दे।


डीएफओ पहुंचे बाघराय, घायलों को दिया हर संभव मदद का आश्वासन
तेंदुए के काटने से घायल हुए लोगों से मिलने मंगलवार को डीएफओ बाघराय पहुंच गए। उन्होंने घायलों से मिलकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने तेंदुए के हमले मे घायल मनोज मिश्रा, संतोष शुक्ल व लालबाबू चौरसिया से मिलकर हालचाल जाना व उनके इलाज के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों से कहा कि कोई अन्‍य तेंदुआ दिखता है तो तुरंत वन विभाग के कर्मचारियों को जानकारी दी जाए।
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