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निरीक्षण में खाद्य आयुक्त को मिलीं खामियां
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:59 PM IST
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शासन की योजनाओं का फीडबैक लेने पहुंचे खाद्य आयुक्त को हर तरफ कमियां ही कमियां नजर आईं। वह अफसरों को इसे सुधारने और स्वयं मानीटरिंग करने की नसीहत देते रहे। उन्होंने सीएचसी, कोतवाली, एफसीआई गोदाम और नगर में प्रधानमंत्री आवास देखने के बाद मझिल गांव में आयोजित चौपाल में महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। इसके बाद गांव में आवास, शौचालय और विद्यालय का निरीक्षण किया। महंगे दाम पर गैस सिलिंडर मिलने पर एजेंसियों से जवाब तलब किया।
सुबह साढ़े 10 बजे ही खाद्य आयुक्त नोडल अधिकारी आलोक कुमार कुंडा डाक बंगले पहुंचे। डाकबंगले पर तहसील प्रशासन के साथ ही पुलिस और स्वयं जिलाधिकारी उनके इंतजार में थे। थोड़ी देर वहां रुकने के बाद वह सीएचसी निरीक्षण के लिए गए। अस्पताल में घुसते ही उन्होंने एक वृद्ध को दवा ले जाते हुए देखा तो रोक लिया। पूछा बाहर से दवा क्यों ली। इसके बाद एक महिला से पूछताछ की गई। फिर ऊगापुर के केके पांडेय ने बताया कि वह दवा बाहर से ही ले आए। इस पर उन्होंने अधीक्षक से पूछा कि वह बाहर की दवा क्यों लिखवाते हैं जबकि इस मर्ज की दवा अस्पताल में मौजूद है। बाहर से दवा लिखे जाने के मामले में उन्होंने सीएमओ से भी जवाब तलब किया। इसके बाद मिश्रदयालपुर निवासी दीनानाथ ने बताया कि अस्पताल में जनरेटर नहीं चलता है। इस पर भी जवाब तलब किया। इसके बाद अल्ट्रसाउंड, डिलीवरी सहित अन्य जानकारी ली। इसके बाद वह अस्पताल के महिला वार्ड में पहुंचे। वहां लवाना की निर्मला से दवा, भोजन सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उसके कार्ड में एमसीटीएस आईडी नहीं लिखी थी। इसके साथ ही बच्चे का वजन भी नहीं लिखा था। इन सारी चीजों पर उन्होंने अधीक्षक को ही सुधार करने के लिए कहा। इसके बाद एंबुलेंस चेक की गई। इसमें भी कमियां ही मिलीं। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में मरीज को लाने के लिए सरकार एसी चलाने का पैसा देती है। ऐसे में ऐसी क्यों नहीं चलता। इसके बाद उन्होंने कोतवाली का निरीक्षण किया। थोड़ी देर बैठने के बाद वह एफसीआई के गोदाम पहुंचे और वहां गेहूं रखने के तौर तरीके देखकर दिशा निर्देश दिया। कुंडानगर में प्रधानमंत्री आवास की हकीकत देखी। इसके बाद मझिलगांव में लगी चौपाल में पहुंच गए। चौपाल में उन्होंने बने शौचालय और उसके उपयोग के बारे में महिलाओं से सीधे बात की। इसके बाद आवास, विद्यालय के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। गैस के बारे में जानकारी करने पता चला कि सिलिंडर 900, 1000 रुपये में मिलता है। इस पर गैस एजेंसी को तलब किया गया। चौपाल में करीब आधे घंटे रुकने के बाद उन्होंने मझिलगांव में प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और विद्यालय चेक किया। इस दौरान वह बीडीओ को निर्देश देते रहे। साथ ही ग्रामीणों को भी सरकाीर पैसे का सही उपयोग करने की बात कहते रहे। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी, एडिशनल एसपी शिवाजी शुक्ला, सीओ राधेश्याम, एसडीएम विजय पाल सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
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सुबह साढ़े 10 बजे ही खाद्य आयुक्त नोडल अधिकारी आलोक कुमार कुंडा डाक बंगले पहुंचे। डाकबंगले पर तहसील प्रशासन के साथ ही पुलिस और स्वयं जिलाधिकारी उनके इंतजार में थे। थोड़ी देर वहां रुकने के बाद वह सीएचसी निरीक्षण के लिए गए। अस्पताल में घुसते ही उन्होंने एक वृद्ध को दवा ले जाते हुए देखा तो रोक लिया। पूछा बाहर से दवा क्यों ली। इसके बाद एक महिला से पूछताछ की गई। फिर ऊगापुर के केके पांडेय ने बताया कि वह दवा बाहर से ही ले आए। इस पर उन्होंने अधीक्षक से पूछा कि वह बाहर की दवा क्यों लिखवाते हैं जबकि इस मर्ज की दवा अस्पताल में मौजूद है। बाहर से दवा लिखे जाने के मामले में उन्होंने सीएमओ से भी जवाब तलब किया। इसके बाद मिश्रदयालपुर निवासी दीनानाथ ने बताया कि अस्पताल में जनरेटर नहीं चलता है। इस पर भी जवाब तलब किया। इसके बाद अल्ट्रसाउंड, डिलीवरी सहित अन्य जानकारी ली। इसके बाद वह अस्पताल के महिला वार्ड में पहुंचे। वहां लवाना की निर्मला से दवा, भोजन सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उसके कार्ड में एमसीटीएस आईडी नहीं लिखी थी। इसके साथ ही बच्चे का वजन भी नहीं लिखा था। इन सारी चीजों पर उन्होंने अधीक्षक को ही सुधार करने के लिए कहा। इसके बाद एंबुलेंस चेक की गई। इसमें भी कमियां ही मिलीं। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में मरीज को लाने के लिए सरकार एसी चलाने का पैसा देती है। ऐसे में ऐसी क्यों नहीं चलता। इसके बाद उन्होंने कोतवाली का निरीक्षण किया। थोड़ी देर बैठने के बाद वह एफसीआई के गोदाम पहुंचे और वहां गेहूं रखने के तौर तरीके देखकर दिशा निर्देश दिया। कुंडानगर में प्रधानमंत्री आवास की हकीकत देखी। इसके बाद मझिलगांव में लगी चौपाल में पहुंच गए। चौपाल में उन्होंने बने शौचालय और उसके उपयोग के बारे में महिलाओं से सीधे बात की। इसके बाद आवास, विद्यालय के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। गैस के बारे में जानकारी करने पता चला कि सिलिंडर 900, 1000 रुपये में मिलता है। इस पर गैस एजेंसी को तलब किया गया। चौपाल में करीब आधे घंटे रुकने के बाद उन्होंने मझिलगांव में प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और विद्यालय चेक किया। इस दौरान वह बीडीओ को निर्देश देते रहे। साथ ही ग्रामीणों को भी सरकाीर पैसे का सही उपयोग करने की बात कहते रहे। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी, एडिशनल एसपी शिवाजी शुक्ला, सीओ राधेश्याम, एसडीएम विजय पाल सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
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