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सरकार से 15 लाख नहीं, 5 लाख की आई मदद

Sat, 27 Jul 2019 12:24 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2019 12:24 AM IST
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Five lakh rupees from the government instead of fifteen
पंद्रह की जगह सरकार से आई पांच लाख की इमदाद
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चेक लेने से परिजनों ने किया इनकार, कहा- मदद अपने पास रखे सरकार
प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने दिया था मदद व नीलम को नौकरी का भरोसा
अधिवक्ता ओम हत्याकांड
बाबागंज। अधिवक्ता व विहिप जिलाध्यक्ष ओम मिश्र की हत्या के बाद भले ही अफसरों संग प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने 15 लाख रुपये की मदद का भरोसा परिजनों को दिलाया था, लेकिन शुक्रवार को उम्मीद की किरणें टूटती नजर आईं। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 15 लाख की जगह 5 लाख रुपये का चेक लेकर लालगंज के प्रभारी तहसीलदार कलिकापुर ढिंगौसी पहुंचे। इस पर परिवार के लोगों ने चेक लेने से इनकार कर दिया। कहा कि अपनी मदद सरकार अब अपने पास रखे। सरकार के रवैए से उनमें गुस्सा है।
महेशगंज के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता व विहिप नेता ओम मिश्र की हत्या के बाद जमकर बवाल हुआ था। अंतिम संस्कार न करने व शव को पोस्टमार्टम के लिए न देने की खबर पर अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और हर संभव मदद के साथ ही मृतक की पत्नी नीलम को कस्तूरबा विद्यालय में अनुदेशक की नौकरी देने का वादा किया, लेकिन बात नहीं बनी। दूसरे दिन ओम मिश्र के घर पहुंचीं जिले की प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने जिलाधिकारी की मौजूदगी में परिवार के लोगों से वादा किया कि वह सीएम से मिलकर उनकी मदद कराएंगी। परिवार के लोग उन्हें अपना समझें। डीएम के सामने नीलम को नौकरी देने की बात तय हुई थी। 15 लाख रुपये मदद दिए जाने का लिखित आश्वासन प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने दिया था। शुक्रवार को लालगंज के प्रभारी तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख के मिले चेक को लेकर ओम मिश्र के घर पहुंचे। मृतक ओम के भाई लवलेश मिश्र ने बताया कि प्रभारी तहसीलदार उनके पिता तीर्थराज को पांच लाख रुपये का चेक देने लगे। जिसे लेने से परिवार के लोगों ने इनकार कर दिया। कहा कि प्रभारी मंत्री व जिलाधिकारी ने 15 लाख रुपये की मदद का भरोसा दिलाया था। अब सरकार से पांच लाख रुपये की मदद भेेजी गई है। जिसे सरकार को ही लौटा दिया जाए। परिवार के लोगों में सरकार के रवैए को लेकर गुस्सा है। उनका कहना है कि ओम ने भाजपा व विहिप को मजबूत करने के लिए दिन रात एक कर दिया। इसके बदले सरकार उन लोगों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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सीएम से मिलने का नहीं मिला समय
अधिवक्ता ओम मिश्र के परिजन प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लगातार भाजपा जिलाध्यक्ष से लेकर दूसरे नेताओं से मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। मुख्यमंत्री से मिलने के लिए अभी समय नहीं मिल सका है। जिसका लोगों को दुख है।
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वादा पूरा नहीं हुआ तो कर लूंगी आत्मदाह
अधिवक्ता ओम मिश्र की पत्नी नीलम ने कहा कि प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह व जिलाधिकारी अपना वादा पूरा नहीं करते हैं तो वह आत्मदाह करेंगीं। जिसके लिए जिम्मेदार मंत्री व डीएम होंगे। यदि नौकरी व मदद नहीं देनी थी तो वादा करने की कोई जरूरत नहीं थीं। मंत्री ने उनके जज्बात से खिलवाड़ किया है।
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