प्रतापगढ : फर्नीचर की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों का माल जलकर राख, मची रही अफरातफरी
प्रतापगढ़ शहर में सिटी रोड पर स्थित एक फर्नीचर की दुकान में भीषण आग लग गई। जब तक दमकलकर्मी मौके पर पहुंचते आग ने विकराल रूपधारण कर लिया। आग में लाखों रुपये का फर्नीचर जलकर नष्ट हो गया।
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सिटी रोड पर सगरा के पास सोमवार की दोपहर फर्नीचर कारखाने में टीनशेड टॉवर लगाने के दौरान भड़की चिंगारी शोला बन गई। देखते ही देखते आग ने पूरे कारखाने को अपने आगोश में ले लिया। हर तरफ धुंआ और आग का गोला ही दिख रहा था। छह दमकल गाड़ियों की मदद से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया जा सका। आग की लपटों व आसमान में उठ रहे धुएं का गुबार देख आसपास के लोग सहमे रहे। अफरातफरी के बीच लोग इधर उधर भागते नजर आए। भुक्तभोगी व्यवसायी के मुताबिक आग से कारखाने में रखा करीब 70 लाख रुपये का सामान जल गया।
नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के दहिलामऊ मोहल्ले में रहने वाले मोहम्मद इरशाद का फर्नीचर शोरूम सिटी रोड पर सगरा गांव के पास है। शोरूम से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर ही किराए की जमीन पर कारखाना भी है। सोमवार दोपहर फर्नीचर कारखाना में लोहे की पाइप में इलेक्ट्रिक वेल्डिंग की मदद से टिनशेड टॉवर बनाया जा रहा था। वेल्डिंग के दौरान चिंगारी कागज के कार्टून पर गिर गई। देखते ही देखते चिंगारी शोला बन गई।
कागज व पॉलीथिन जलने से आग की लपटें विकराल हो गईं। प्लाई, फर्नीचर और अन्य सामान भी जलने लगा। कारखाना में काम कर रहे मजदूरों ने पहले बिजली आपूर्ति बंद की फिर वेल्डिंग में प्रयुक्त गैस सिलेंडर को बाहर किया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। बाल्टी और डिब्बों से पानी डालने की स्थिति भी समाप्त हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर पुलिस लाइन से पहुंचे फायरब्रिगेड के दो टैंकरों से आग पर काबू पाने के लिए पानी डाला जाने लगा। आग पर काबू मिलता न देख मानधाता, अंतू, पट्टी व रानीगंज थाने से भी टैंकर(दमकल गाड़ियां) बुलाई गईं। अफरा-तफरी व भगदड़ के बीच छह टैंकर की मदद से आग पर किसी तरह से काबू पाया जा सका। आग के बीच से सामान निकालने के दौरान कुछ कर्मचारी भी मामूली रूप से झुलस गए। वहां मौजूद तमाशबीनों को हटाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
घरों में लगे पानी के पंपों से लिया गया पानी
आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल तो लगी थीं,लेकिन पानी खोजे नहीं मिल रहा था। सिविल लाइंस पुलिस चौकी की टीम ने कारखाना के आसपास मकान में रहने वाले लोगों से पानी की मोटर चलवाई। पाइप लेकर दमकल में पर्याप्त पानी की व्यवस्था कराई। कारखाना के पास तंग गली की वजह से सभी दमकल के वाहन 50 मीटर पहले सिटी रोड के पास ही खड़े थे। फर्नीचर कारखाने में आग लगने की वजह से पीड़ित इरशाद बदहवास था। कारखाना के भीतर आग पर काबू पाने का यंत्र था, लेकिन समय पर वह कर्मचारियों के हाथ नहीं लगा।
कई जनपदों में की जाती है फर्नीचर की आपूर्ति
आगामी दिनों में सहालग है। ऐसे में जिले के व्यापारियों के साथ ही रायबरेली, अमेठी, जौनपुर, बादशाहपुर व भदोही जनपद तक कारखाना से फर्नीचर की आपूर्ति करने की तैयारी थी। इरशाद के मुताबिक सहालग की वजह से मांग थी। उसी के अनुसार तैयार फर्नीचर आग में जल गए हैं। कारखाना संचालक के मुताबिक आग से करीब 70 लाख का नुकसान का अनुमान है। लोगों ने बताया कि सगरा गांव के आसपास फर्नीचर का कारोबार होता है इससे गुणवत्ता युक्त व कम लागत के फर्नीचर की डिमांड गैर जनपद के व्यापारी करते हैं।