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धान की खेती में किसानों की जेब होगी ढीली
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प्रतापगढ़। धान की खेती करना किसानों को इस बार महंगा पड़ेगा। खाद के दाम बढ़ने से उनकी जेब ढीली होगी। पैदावार बढ़ाने में सबसे कारगर साबित होने वाली डीएपी खाद के दाम में 300 रुपये प्रति बोरी का इजाफा हो गया है। अभी तक 1200 रुपये प्रति बोरी बिकने वाली डीएपी अब 1500 रुपये की दर से किसानों को मिलेगी। हालांकि जिले में जिन बिक्री केंद्रों पर पुरानी खाद है, उसे भी नए दाम पर बेचा जा रहा है।
खरीफ के फसल की तैयारी करने वाले किसानों को इस बार धान की नर्सरी डालने से पहले बड़ा झटका लगा है। धान और गेहूं की पैदावार बढ़ाने में सबसे कारगर मानी जाने वाली डीएपी खाद के दामों में अचानक 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह दर सरकारी बिक्री केंद्रों और साधन सहकारी समितियों के लिए जारी की गई है। निजी दुकानदारों से डीएपी की खरीद करने पर अधिक रुपये देने होंगे। हालांकि अभी नए दाम की डीएपी बिक्री केंद्रों पर नहीं आई है, मगर बढ़े हुए दाम की जानकारी होते ही पुरानी खाद की बोरियों में ओवर राइटिंग कर नई दर से बेचा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण अधिकारी न तो इसकी जांच कर रहे हैं और न ही नियंत्रण के कोई प्रबंध किए जा रहे हैं।
डीएपी के दाम में प्रति बोरी 300 की बढ़ोतरी की गई है, मगर अभी पुराने दाम की डीएपी बिक्री केंद्रों पर है। पुरानी खाद को अगर कोई नए दाम पर बेच रहा है, तो इसकी शिकायत करें। जिससे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। -डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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खरीफ के फसल की तैयारी करने वाले किसानों को इस बार धान की नर्सरी डालने से पहले बड़ा झटका लगा है। धान और गेहूं की पैदावार बढ़ाने में सबसे कारगर मानी जाने वाली डीएपी खाद के दामों में अचानक 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह दर सरकारी बिक्री केंद्रों और साधन सहकारी समितियों के लिए जारी की गई है। निजी दुकानदारों से डीएपी की खरीद करने पर अधिक रुपये देने होंगे। हालांकि अभी नए दाम की डीएपी बिक्री केंद्रों पर नहीं आई है, मगर बढ़े हुए दाम की जानकारी होते ही पुरानी खाद की बोरियों में ओवर राइटिंग कर नई दर से बेचा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण अधिकारी न तो इसकी जांच कर रहे हैं और न ही नियंत्रण के कोई प्रबंध किए जा रहे हैं।
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डीएपी के दाम में प्रति बोरी 300 की बढ़ोतरी की गई है, मगर अभी पुराने दाम की डीएपी बिक्री केंद्रों पर है। पुरानी खाद को अगर कोई नए दाम पर बेच रहा है, तो इसकी शिकायत करें। जिससे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। -डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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