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प्याज के दाम नियंत्रित करने के लिए किसान बनाएंगे भंडारगृह
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गैर सीजन में प्याज के दामों को नियंत्रित करने के लिए उद्यान विभाग ने अच्छी पहल की है। सीजन में पैदा होने वाले प्याज को स्टोर करने के लिए अब जिले के किसान ही भंडारगृह तैयार करेंगे। इसके लिए उन्हें उद्यान विभाग की तरफ से अनुदान दिया जाएगा। आधा खर्च विभाग उठाएगा। इससे गैर सीजन में प्याज के दाम अनियंत्रित नहीं हो सकेंगे और जिले के लोगों को राहत मिलेगी। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी। जिले में इस बार किसानों ने प्याज की खेती में दिलचस्पी दिखाई है।
उद्यान विभाग द्वारा किसानों को प्याज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया है। किसानों को मुफ्त में बीज प्रदान किया गया है। प्याज की खेती को लेकर किसानों में खासी रुचि है। दरअसल, इसके पीछे ऑफ सीजन में प्याज के दाम नियंत्रित करने की भी सोच है। गैर मौसम में जिले में प्याज के दाम आसमान पर रहते हैं। गैरराज्यों से स्टॉक कम आने पर बाजारों में प्याज की कीमतें बढ़ जाती हैं। पिछले कई साल से यह स्थिति बनी हुई है।
गैर मौसम में प्याज के दाम को नियंत्रित करने के लिए उद्यान विभाग ने जहां किसानों को प्याज की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया है, वहीं उनकी उपज को संरक्षित करने के लिए भी पहल शुरू की है। जिले में होने वाली पैदावार को स्टोरेज करने के लिए प्याज भंडार गृह बनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसे किसान ही तैयार करेंगे। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्याज भंडार की स्थापना की तैयारी है। इसका लक्ष्य प्याज को नुकसान से बचाना और बेमौसम में किसानों की आय दोगुनी करना है।
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एक लाख 75 हजार की लागत से भंडार गृह का निर्माण होगा। किसानों को लागत की आधी धनराशि अनुदान के तौर पर दी जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्याज भंडारण केंद्र बनाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अब तक 11 किसानों ने आवेदन किया है।
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उद्यान विभाग द्वारा किसानों को प्याज की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया है। किसानों को मुफ्त में बीज प्रदान किया गया है। प्याज की खेती को लेकर किसानों में खासी रुचि है। दरअसल, इसके पीछे ऑफ सीजन में प्याज के दाम नियंत्रित करने की भी सोच है। गैर मौसम में जिले में प्याज के दाम आसमान पर रहते हैं। गैरराज्यों से स्टॉक कम आने पर बाजारों में प्याज की कीमतें बढ़ जाती हैं। पिछले कई साल से यह स्थिति बनी हुई है।
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गैर मौसम में प्याज के दाम को नियंत्रित करने के लिए उद्यान विभाग ने जहां किसानों को प्याज की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया है, वहीं उनकी उपज को संरक्षित करने के लिए भी पहल शुरू की है। जिले में होने वाली पैदावार को स्टोरेज करने के लिए प्याज भंडार गृह बनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसे किसान ही तैयार करेंगे। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्याज भंडार की स्थापना की तैयारी है। इसका लक्ष्य प्याज को नुकसान से बचाना और बेमौसम में किसानों की आय दोगुनी करना है।
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एक लाख 75 हजार की लागत से भंडार गृह का निर्माण होगा। किसानों को लागत की आधी धनराशि अनुदान के तौर पर दी जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्याज भंडारण केंद्र बनाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अब तक 11 किसानों ने आवेदन किया है।