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आक्रोश की चिंगारी बनी शोला, किसान ने बोला धावा
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
Updated Tue, 09 Dec 2014 11:14 PM IST
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एक करोड़ रुपए से अधिक का दूध खरीदने के बाद दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने किसानों के पैसे का भुगतान नहीं किया। संघ के अफसरों का चक्कर काट कर थक चुके किसानों के आक्रोश की चिंगारी मंगलवार को शोला बन गई। दर्जनों की संख्या में एकजुट होकर किसानों ने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ कटरामेदनीगंज पर धावा बोल दिया। बकाया पैसे के भुगतान को लेकर उन लोगों ने जमकर हंगामा किया। दूध की कीमत वसूल करने को लेकर किसानों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
दुग्ध उत्पादक संघ ने किसानों से दूध खरीदा था। मगर किसानों से लिए गए दूध का भुगतान आज तक नहीं हुआ। पैसे के लिए सभी किसान संघ के अधिकारियों का चक्कर अब भी काट रहे हैं। पैसे का भुगतान न करने और लगातार उन्हें टरकाए जाने से आक्रोश बढ़ता गया। हद पार हुई तो किसानों के आक्रोश की चिंगारी भड़क गई।
दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पर प्रदर्शन कर रहे डेंगरी जमालपुर के बृजेश कुमार का डेढ़ लाख, कुसाहिल बाजार के रामनरेश यादव का 85 हजार, बुलाकीपुर के राजेन्द्र मौर्य का 50 हजार, सहाबपुर के अरुणेश का 10 हजार, जेठवारा के अवधनारायण का दो लाख 75 हजार, मानधाता बैसपुर के ओमप्रकाश यादव का एक लाख 25 हजार, पूरे पांडेय पट्टी के राजाराम गुप्ता का 80 हजार, बजहाभीट के गंगाप्रसाद का एक लाख, पट्टी के बृजेश सिंह का तीन लाख 50 हजार, आसपुर देवसरा के रामप्रसाद यादव का सवा तीन लाख, सिपाहमहेरी के शीतला प्रसाद यादव का 90 हजार, सरायआनादेव मानधाता के अशोक कुमार पटेल का डेढ़ लाख, कुसाहिलडीह के अनिरुद्ध यादव का 25 हजार बाकी है।
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पूरेधनऊ मानिकपुर के फूलचंद ने बताया कि उनका भी 50 हजार रुपया अब तक दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने नहीं दिया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उनकी तरह और भी लोग भुगतान के लिए संघ के अधिकारियों का कई वर्ष से चक्कर काट रहे हैं। आक्रोशित किसानों का कहना था कि जिले भर के किसानों का डेढ़ करोड़ रुपया बकाया है। संघ अधिकारियों पर पैसा खा जाने का आरोप लगाते हुए किसानों ने भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। वहीं, मामले में जानकारी का प्रयास किया गया तो संघ के प्रबंधक का मोबाइल फोन नहीं उठा।
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दुग्ध उत्पादक संघ ने किसानों से दूध खरीदा था। मगर किसानों से लिए गए दूध का भुगतान आज तक नहीं हुआ। पैसे के लिए सभी किसान संघ के अधिकारियों का चक्कर अब भी काट रहे हैं। पैसे का भुगतान न करने और लगातार उन्हें टरकाए जाने से आक्रोश बढ़ता गया। हद पार हुई तो किसानों के आक्रोश की चिंगारी भड़क गई।
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दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पर प्रदर्शन कर रहे डेंगरी जमालपुर के बृजेश कुमार का डेढ़ लाख, कुसाहिल बाजार के रामनरेश यादव का 85 हजार, बुलाकीपुर के राजेन्द्र मौर्य का 50 हजार, सहाबपुर के अरुणेश का 10 हजार, जेठवारा के अवधनारायण का दो लाख 75 हजार, मानधाता बैसपुर के ओमप्रकाश यादव का एक लाख 25 हजार, पूरे पांडेय पट्टी के राजाराम गुप्ता का 80 हजार, बजहाभीट के गंगाप्रसाद का एक लाख, पट्टी के बृजेश सिंह का तीन लाख 50 हजार, आसपुर देवसरा के रामप्रसाद यादव का सवा तीन लाख, सिपाहमहेरी के शीतला प्रसाद यादव का 90 हजार, सरायआनादेव मानधाता के अशोक कुमार पटेल का डेढ़ लाख, कुसाहिलडीह के अनिरुद्ध यादव का 25 हजार बाकी है।
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पूरेधनऊ मानिकपुर के फूलचंद ने बताया कि उनका भी 50 हजार रुपया अब तक दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने नहीं दिया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उनकी तरह और भी लोग भुगतान के लिए संघ के अधिकारियों का कई वर्ष से चक्कर काट रहे हैं। आक्रोशित किसानों का कहना था कि जिले भर के किसानों का डेढ़ करोड़ रुपया बकाया है। संघ अधिकारियों पर पैसा खा जाने का आरोप लगाते हुए किसानों ने भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। वहीं, मामले में जानकारी का प्रयास किया गया तो संघ के प्रबंधक का मोबाइल फोन नहीं उठा।