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एक्सक्लूसिव: फिसड्डी छात्र-छात्राओं के लिए बंद हुआ वजीफा

Fri, 22 Nov 2019 12:12 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला, प्रयागराज
अमर उजाला, प्रयागराज Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Fri, 22 Nov 2019 12:12 AM IST
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Exclusive: Stipend closed for laggards
छात्रवृत्ति प्रोग्राम

पढ़ाई में फिसड्डी रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए वजीफा का दरवाजा बंद हो गया है। अब उन्हीं छात्र-छात्राओं को वजीफा मिलेगा, जो अध्ययनरत कक्षा में साठ प्रतिशत अंक हासिल करने में सफल होंगे। वजीफा के लिए अब जाति को नहीं, बल्कि मेधा को प्राथमिकता दिया जाएगा। छात्रवृत्ति के लिए नया शासनादेश जारी होने से ऑनलाइन आवेदन करने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं बाहर हो जाएंगे।

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जिले में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले हजारों आवेदकों को इस वर्ष तगड़ा झटका लगने जा रहा है। अभी तक आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं के चयन का आधार आय प्रमाणपत्र और जाति से होती थी। मगर अब शासन ने यह मानक बदलकर दिया है। मेधावी छात्र-छात्राओं को ही वजीफा देने का फैसला लिया है।
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शासन के नए फैसले से उन छात्र-छात्राओं की मुश्किलें बढ़ सकती है, जिन्होंने पिछली परीक्षा में साठ प्रतिशत अंक हासिल करने में सफल नहीं हुए हैं। जिले भर में इन दिनों आनलाइन फार्म संस्था से फारवर्ड करके समाज कल्याण विभाग को भेजे जा रहे हैं। दिसंबर माह के अंत तक पात्र छात्र-छात्राओं का चयन करके वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम आनलाइन खाते में भेजी जाएगी।

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चयन में विभाग का नहीं होगा कोई रोल

वजीफा के पात्रों का चयन करने में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग का कोई रोल नहीं होगा। छात्र-छात्राओं के सभी अभिलेख आनलाइन हैं, जिसे विभागीय अधिकारी देखकर पात्र का चयन कर सकेंगे।


एक चौथाई लोगों को ही मिलेगा वजीफा

आनलाइन आवेदन करने वालों में एक चौथाई ही लोग ऐेसे होंगे, जो मानक पर खरे उतरेंगे। अधिकांश परीक्षार्थी ऐेसे हैं, जिनका नंबर कम है। ऐेसे में वह पात्रता सूची से बाहर हो जाएंगे।


आवेदन के लिए दो लाख वार्षिक का होगा मानक

वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए वही छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है। यह मानक पूर्व में ही निर्धारित था और आगे भी चलता रहेगा।


वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए अब साठ प्रतिशत अंक पाने वाले परीक्षार्थियों का ही चयन किया जाएगा। आनलाइन आवेदन में जिन परीक्षार्थियों के साठ प्रतिशत अंक होंगे, उन्ही लोगों को वजीफा मिलेगा। राजीव कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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