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मूल्यांकन कार्य की जिम्मेदारी परीक्षकों को
ब्यूरो/ अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sat, 28 Mar 2015 01:22 AM IST
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प्रतापगढ़। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अब उपप्रधान निरीक्षक, केंद्र पर्यवेक्षक और कोठार प्रभारी हिस्सा नहीं ले सकेंगे। यूपी बोर्ड ने इन लोगों को मूल्यांकन कार्य नहीं करने को कहा है। यह लोग अब सिर्फ व्यवस्था देखेंगे। मूल्यांकन कार्य की जिम्मेदारी परीक्षकों को सौंपी गई है। सामान्य विषयों में 90 अंक और गणित विषय में 95 अंक से अधिक पाने वाले बच्चों की कापी दुबारा केंद्र पर जांची जाएगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तर पुस्किाओं का मूल्यांकन 30 मार्च से प्रारंभ हो रहा है। यूपी बोर्ड ने एक साथ दो-दो कार्य करने वाले डीएचई, पर्यवेक्षक और कोठार प्रभारियों पर लगाम लगाते हुए सबकी जिम्मेदारी अलग-अलग तय कर दी है। बताया जाता है कि मूल्यांकन केंद्रों के पर्यवेक्षक, डीएचई और कोठार प्रभारी मूल्यांकन कार्य नहीं करते थे। इसके बाद भी फर्जी बिल लगाकर रुपये का भुगतान कर लेते थे। यूपी बोर्ड ने पत्र जारी कर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने से साफ मना कर दिया है।
डीआईओएस आरके वर्मा ने बताया कि अधिक अंक पाने वाले बच्चों की दुबारा कापी जांचने के पीछे नंबर कम करने का इरादा नहीं है, बल्कि यह देखना आवश्यक है कि नंबर चढ़ाने में कोई गलती तो नहीं हुई है। सभी परीक्षकों से 30 मार्च को आवंटित मूल्यांकन केंद्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है।
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जिले के अधिकांश हाईस्कू ल और इंटर कॉलेज ऐसे हैं जहां के सभी शिक्षकों की ड्यूटी मूल्यांकन में लग गई है। 15 अप्रैल तक चलने वाले मूल्यांकन में शिक्षक व्यस्त रहेेंगे। ऐसी दशा में शिक्षकों के खाली होने के बाद ही 16 अप्रैल को स्कूल खुलेंगे।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तर पुस्किाओं का मूल्यांकन 30 मार्च से प्रारंभ हो रहा है। यूपी बोर्ड ने एक साथ दो-दो कार्य करने वाले डीएचई, पर्यवेक्षक और कोठार प्रभारियों पर लगाम लगाते हुए सबकी जिम्मेदारी अलग-अलग तय कर दी है। बताया जाता है कि मूल्यांकन केंद्रों के पर्यवेक्षक, डीएचई और कोठार प्रभारी मूल्यांकन कार्य नहीं करते थे। इसके बाद भी फर्जी बिल लगाकर रुपये का भुगतान कर लेते थे। यूपी बोर्ड ने पत्र जारी कर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने से साफ मना कर दिया है।
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डीआईओएस आरके वर्मा ने बताया कि अधिक अंक पाने वाले बच्चों की दुबारा कापी जांचने के पीछे नंबर कम करने का इरादा नहीं है, बल्कि यह देखना आवश्यक है कि नंबर चढ़ाने में कोई गलती तो नहीं हुई है। सभी परीक्षकों से 30 मार्च को आवंटित मूल्यांकन केंद्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है।
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जिले के अधिकांश हाईस्कू ल और इंटर कॉलेज ऐसे हैं जहां के सभी शिक्षकों की ड्यूटी मूल्यांकन में लग गई है। 15 अप्रैल तक चलने वाले मूल्यांकन में शिक्षक व्यस्त रहेेंगे। ऐसी दशा में शिक्षकों के खाली होने के बाद ही 16 अप्रैल को स्कूल खुलेंगे।