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प्राचीन इतिहास की जगह भेज दिया बीबीए का पेपर
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प्रतापगढ़। शुक्रवार से शुरू हुई राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा पहले ही दिन लापरवाही की भेंट चढ़ गई। परीक्षा केंद्रों पर प्राचीन इतिहास की जगह बीबीए का प्रशभनपत्र पहुंचने से हड़कंप मच गया। आननफानन में विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों को आनलाइन प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया। लापरवाही के चलते परीक्षा केंद्रों पर देर से परीक्षा शुरू हो सकी। जिससे परीक्षार्थियों में काफी नाराजगी दिखी।
प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज की परीक्षा शुक्रवार से जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों पर 92 कालेेजों के परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर एमए की थर्ड सेमेस्टर की प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रथम प्रशभनपत्र हिस्टीरियोग्राफी इंडियन एंड वेस्टर्न की जगह बीबीए का प्रशभनपत्र पहुंच गया। जिससे परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया। विश्वविद्यालय द्वारा नोडल केंद्रों को उपलब्ध कराए प्रश्नपत्र के बंडल पर प्राचीन भारतीय इतिहास लिखा था।
लगभग सभी परीक्षा केंद्रों के कर्मचारी समय से नोडल केंद्रों पर प्रश्नपत्र का बंडल लेकर केंद्र पहुंचे। प्रश्नपत्र वितरित करने के लिए समय से केंद्राध्यक्षों की उपस्थिति में प्रश्नपत्र बंडल की सील खोली गई। बंडल के अंदर बीबीए का प्रश्नपत्र निकलने पर केंद्राध्यक्षों के होश उड़ गए। आननफानन में उन्होंने मामले की जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दी। उसके बाद नोडल केंद्रों को भी जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी परेशान हो गया। सभी परीक्षा केंद्रों के लागिन पर विश्वविद्यालय ने प्राचीर भारतीय इतिहास का प्रश्नपत्र भेजा। केंद्राध्यक्षों ने प्रश्नपत्र की फोटो स्टेट कराकर परीक्षा शुरू कराई। कई जगहों पर करीब एक घंटे की देरी से परीक्षा शुरू हुई।
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परीक्षार्थियों ने किया विरोध
परीक्षा शुरू होने के बाद समय से प्रश्नपत्र न मिलने पर परीक्षार्थियों ने नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक इंतजार करने पर परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय और परीक्षा केंद्रों की लापरवाही पर विरोध जताया। नाराज परीक्षार्थियों को देख परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारी व शिक्षक परीक्षार्थियों को समस्या बताने के साथ ही उन्हें समझाते रहे।
पेपर लीक होने की भी चर्चा
प्राचीन भारतीय इतिहास प्रशभनपत्र की जगह बीबीए का प्रश्नपत्र निकलने को लेकर परीक्षार्थियों में पेपर लीक होने की भी चर्चा रही। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा गलत तरीके से भेजे जा रहे प्रश्नपत्र के बंडल में दूसरे विषय का प्रशभनपत्र निकल रहा है। ऐसे जिन विषयों का प्रशभनपत्र निकल रहा है उनके प्रश्नपत्र बदल देने चाहिए। नहीं तो उन प्रशभनपत्रों को वायरल कर नकलचियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
एजेंसी से हुई गलती
विश्वविद्यालय प्रशभनपत्र का बंडल तैयार करने की जिम्मेदारी एजेंसी को देता है। एजेंसी प्रश्नपत्र का पैकेट बनाते समय अकसर गलती कर देती है। पिछली बार भी परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर दूसरे विषय के प्रश्नपत्र पहुंच गए थे। जिससे परीक्षा केंद्रों पर समस्या का सामना करना पड़ा था।
प्रश्नपत्र का बंडल गलत पहुंचने की जानकारी विश्वविद्यालय को नोडल केंद्रों और परीक्षा केंद्रों से हुई। परीक्षा केंद्रों पर आनलाइन प्राचीन भारतीय इतिहास का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
प्रभास द्विवेदी, परीक्षा नियंत्रक, राज्य विश्वविद्यालय।
वर्जन--
विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रश्नपत्र के बंडल को परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों को उपलब्ध कराया गया। प्रश्नपत्र बंडल के अंदर किस विषय का प्रशभनपत्र है, यह जानकारी नोडल केंद्र को नहीं होती है। यह परीक्षा केंद्र पर बंडल खुलने के बाद ही पता चलता है। शुक्रवार की परीक्षा के दौरान प्राचीन भारतीय इतिहास की जगह बीबीए का प्रशभनपत्र बंडल से निकला था। जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय को दी गई है।
डॉ. अरुण श्रीवास्तव, नोडल केंद्राध्यक्ष, एमडीपीजी।
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प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज की परीक्षा शुक्रवार से जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों पर 92 कालेेजों के परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर एमए की थर्ड सेमेस्टर की प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रथम प्रशभनपत्र हिस्टीरियोग्राफी इंडियन एंड वेस्टर्न की जगह बीबीए का प्रशभनपत्र पहुंच गया। जिससे परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया। विश्वविद्यालय द्वारा नोडल केंद्रों को उपलब्ध कराए प्रश्नपत्र के बंडल पर प्राचीन भारतीय इतिहास लिखा था।
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लगभग सभी परीक्षा केंद्रों के कर्मचारी समय से नोडल केंद्रों पर प्रश्नपत्र का बंडल लेकर केंद्र पहुंचे। प्रश्नपत्र वितरित करने के लिए समय से केंद्राध्यक्षों की उपस्थिति में प्रश्नपत्र बंडल की सील खोली गई। बंडल के अंदर बीबीए का प्रश्नपत्र निकलने पर केंद्राध्यक्षों के होश उड़ गए। आननफानन में उन्होंने मामले की जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दी। उसके बाद नोडल केंद्रों को भी जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी परेशान हो गया। सभी परीक्षा केंद्रों के लागिन पर विश्वविद्यालय ने प्राचीर भारतीय इतिहास का प्रश्नपत्र भेजा। केंद्राध्यक्षों ने प्रश्नपत्र की फोटो स्टेट कराकर परीक्षा शुरू कराई। कई जगहों पर करीब एक घंटे की देरी से परीक्षा शुरू हुई।
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परीक्षार्थियों ने किया विरोध
परीक्षा शुरू होने के बाद समय से प्रश्नपत्र न मिलने पर परीक्षार्थियों ने नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक इंतजार करने पर परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय और परीक्षा केंद्रों की लापरवाही पर विरोध जताया। नाराज परीक्षार्थियों को देख परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारी व शिक्षक परीक्षार्थियों को समस्या बताने के साथ ही उन्हें समझाते रहे।
पेपर लीक होने की भी चर्चा
प्राचीन भारतीय इतिहास प्रशभनपत्र की जगह बीबीए का प्रश्नपत्र निकलने को लेकर परीक्षार्थियों में पेपर लीक होने की भी चर्चा रही। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा गलत तरीके से भेजे जा रहे प्रश्नपत्र के बंडल में दूसरे विषय का प्रशभनपत्र निकल रहा है। ऐसे जिन विषयों का प्रशभनपत्र निकल रहा है उनके प्रश्नपत्र बदल देने चाहिए। नहीं तो उन प्रशभनपत्रों को वायरल कर नकलचियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
एजेंसी से हुई गलती
विश्वविद्यालय प्रशभनपत्र का बंडल तैयार करने की जिम्मेदारी एजेंसी को देता है। एजेंसी प्रश्नपत्र का पैकेट बनाते समय अकसर गलती कर देती है। पिछली बार भी परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर दूसरे विषय के प्रश्नपत्र पहुंच गए थे। जिससे परीक्षा केंद्रों पर समस्या का सामना करना पड़ा था।
प्रश्नपत्र का बंडल गलत पहुंचने की जानकारी विश्वविद्यालय को नोडल केंद्रों और परीक्षा केंद्रों से हुई। परीक्षा केंद्रों पर आनलाइन प्राचीन भारतीय इतिहास का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
प्रभास द्विवेदी, परीक्षा नियंत्रक, राज्य विश्वविद्यालय।
वर्जन--
विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रश्नपत्र के बंडल को परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों को उपलब्ध कराया गया। प्रश्नपत्र बंडल के अंदर किस विषय का प्रशभनपत्र है, यह जानकारी नोडल केंद्र को नहीं होती है। यह परीक्षा केंद्र पर बंडल खुलने के बाद ही पता चलता है। शुक्रवार की परीक्षा के दौरान प्राचीन भारतीय इतिहास की जगह बीबीए का प्रशभनपत्र बंडल से निकला था। जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय को दी गई है।
डॉ. अरुण श्रीवास्तव, नोडल केंद्राध्यक्ष, एमडीपीजी।