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कैंसर से लड़ने में जमीन और जेवर गवां चुका है परिवार
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:01 AM IST
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पहले गले के कैंसर होने पर मुंह से लेकर गले तक का पूरा भाग निकाल लिया जाता था।
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ट्टी इलाके में एक और कैंसर पीड़ित परिवार की जमीन और जेवर गवंा चुका है। रायपुर गांव निवासी पिता के बीमारी से पीड़ित होने के कारण तीन बेटियों की पढ़ाई फीस न भर पाने की वजह से छूट गई है। इसके साथ ही दो बीघा जमीन इलाज के नाम पर बिक चुकी है। पीड़ित का एक हाथ भी काटा जा चुका है। अभी तत्काल इलाज के लिए उसे चार लाख से अधिक रुपयों की जरूरत है।
रायपुर गांव निवासी रामआसरे वर्मा एक वर्ष से कैंसर से पीड़ित है। कैंसर के चलते उसका बायां हाथ काटा जा चुका है। बावजूद इसके बीमारी पूरे शरीर में फैल रही है।
उसके दो पुत्र अजय व विकास हैं जो कक्षा 9 के छात्र हैं। जबकि प्रियंका व प्रीती बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। जबकि अनीता इंटर की छात्रा है। बेटियों की पढ़ाई आर्थिक तंगी के चलते छूट चुकी है। कमला नेहरू इलाहाबाद में इलाज में सात लाख से अधिक की रकम खर्च हो चुकी है।
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रायपुर गांव निवासी रामआसरे वर्मा एक वर्ष से कैंसर से पीड़ित है। कैंसर के चलते उसका बायां हाथ काटा जा चुका है। बावजूद इसके बीमारी पूरे शरीर में फैल रही है।
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उसके दो पुत्र अजय व विकास हैं जो कक्षा 9 के छात्र हैं। जबकि प्रियंका व प्रीती बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। जबकि अनीता इंटर की छात्रा है। बेटियों की पढ़ाई आर्थिक तंगी के चलते छूट चुकी है। कमला नेहरू इलाहाबाद में इलाज में सात लाख से अधिक की रकम खर्च हो चुकी है।
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