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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Every town, lying on the crossroads, action just 22

हर कस्बे, चौराहे पर झोलाछाप, कार्रवाई सिर्फ 22 पर

Sun, 13 May 2018 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sun, 13 May 2018 12:46 AM IST
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जिले में हर कस्बे और चौराहे पर झोलाछाप दुकान सजाए बैठे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को वह नजर नहीं आ रहे हैं। तीन साल के भीतर स्वास्थ्य विभाग के अफसर 32 झोलाछाप को चिह्नित करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इनमें भी कार्रवाई महज 22 के खिलाफ हो सकी। इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट तो हुई, लेकिन दुकान अब भी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं।  
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शहर से लेकर गांव और कस्बे तक हर जगह झोलाछाप अपनी दुकान सजाकर बैठे हैं। बिना इलाज और प्रशिक्षण के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो सिर्फ हाईस्कूल या इंटर पास हैं, लेकिन सर्दी-जुकाम और बुखार के इलाज के साथ फोड़ा फुंसी होने पर ऑपरेशन भी कर देते हैं। अफसरों का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2015 में आठ झोलाछाप को चिह्नित किया गया।
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इनमें से महज दो झोलाछाप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया के आदेश पर अफसरों ने 14 झोलाछाप को चिह्नित किया। मुकदमा महज 12 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया। 2017 में 10 छोलाछाप को चिह्नित किया गया, लेकिन सिर्फ आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा विभाग की ओर से दर्ज कराया गया। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो इनमें से एक भी झोलाछाप की दुकान को बंद नहीं कराया जा सका। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की कार्रवाई के बाद वह फिर अपनी दुकान सजाकर बैठ जाते हैं।  
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कार्रवाई का भय दिखाकर होती है वसूली  
सीएमओ ने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के लिए डिप्टी सीएमओ की अध्यक्षता में एक टीम गठित की है। टीम को चौराहों और कस्बों में पहुंचकर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई करनी होती है। मगर ऐसा हो नहीं रहा है। छापेमारी के दौरान कई बार वसूली की शिकायतें भी आती रहती हैं।  

रद्दी की टोकरी में डाल दिए जाते हैं शिकायती पत्र  
झोलाछाप के इलाज से कई मरीजों की जान जा चुकी है। कई लोग जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। तीमारदार इसकी शिकायत करने के लिए सीएमओ ऑफिस पहुंचते हैं। जिम्मेदार अफसर भी अपनी जिम्मेदारी से दूर भागते हुए तीमारदारों को इस पटल से उस पटल पर भेजते हैं। ऐसे में अगर पीड़ित सीएमओ से शिकायत भी करते हैं तो शिकायती पत्रों को रद्दी


अभी कुछ ही दिनों पहले आया हूं। इसके पहले क्या हुआ है, यह मुझे नहीं पता है। हालांकि टीम गठित करके झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।  
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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