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16 घंटे बाद शहर में आई बिजली, पीने के पानी के लिए तरसे शहरी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 15 May 2018 12:46 AM IST
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रविवार की रात आए आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। ग्रामीण इलाकों में बिजली के तार टूट ने के साथ खंभे भी उखड़ गए। इससे सोमवार की शाम तक सप्लाई बाधित रही। बिजली विभाग के कर्मचारियों की मशक्कत के बाद शहर में 16 घंटे बाद बिजली आई। ग्रामीण इलाकों में तूफान से जो नुकसान हुआ, उससे यह लग रहा है कि पूरी तरह व्यवस्था सुधरने में सप्ताह भर का समय लग सकता है। बिजली विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
रविवार की रात आए चक्रवात से सबसे अधिक नुकसान बिजली विभाग का हुआ है। तेज आंधी में जहां सैकड़ों खंभे उखड़ गए, वहीं बिजली के तार जगह-जगह टूट गए। इससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। संडवा चंद्रिका के छतरपुर गांव में पवन कुमार सिंह की दुकान के पास दो खंभे टूटकर गिर पड़े। वहीं, अर्जुनपुर गांव के पास सड़क पर लगे खंभे टूटकर गिरने से आवागमन बाधित रहा। किठावर बाजार में बिजली का खंभा उखड़ने से बिजली आपूर्ति ठप रही। लंगड़ा का पुरवा गांव में एक खंभे पर दस केवीए ट्रांसफार्मर सहित बिजली का पोल टूटकर गिर पड़ा। इसे ठीक करने के लिए सोमवार को कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। चौरा गांव में दो खंभे टूटकर गिर पड़े, जबकि शिवराजपुर में खंभा गिरने से तार भी टूटकर अलग हो गए।
बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने की घटना किसी एक या दो गांव में नहीं हुई है, बल्कि अधिकांश गांवों में यह समस्या पैदा हुई है। ग्रामीण इलाकों में जिस प्रकार बिजली के खंभे टूटे हैं, उससे लगता है कि विद्युत व्यवस्था बहाल होने में अभी एक सप्ताह का समय लग जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि तूफान से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मेरा प्रयास होगा कि जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल हो जाए।
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रविवार की रात आए चक्रवात से सबसे अधिक नुकसान बिजली विभाग का हुआ है। तेज आंधी में जहां सैकड़ों खंभे उखड़ गए, वहीं बिजली के तार जगह-जगह टूट गए। इससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। संडवा चंद्रिका के छतरपुर गांव में पवन कुमार सिंह की दुकान के पास दो खंभे टूटकर गिर पड़े। वहीं, अर्जुनपुर गांव के पास सड़क पर लगे खंभे टूटकर गिरने से आवागमन बाधित रहा। किठावर बाजार में बिजली का खंभा उखड़ने से बिजली आपूर्ति ठप रही। लंगड़ा का पुरवा गांव में एक खंभे पर दस केवीए ट्रांसफार्मर सहित बिजली का पोल टूटकर गिर पड़ा। इसे ठीक करने के लिए सोमवार को कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। चौरा गांव में दो खंभे टूटकर गिर पड़े, जबकि शिवराजपुर में खंभा गिरने से तार भी टूटकर अलग हो गए।
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बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने की घटना किसी एक या दो गांव में नहीं हुई है, बल्कि अधिकांश गांवों में यह समस्या पैदा हुई है। ग्रामीण इलाकों में जिस प्रकार बिजली के खंभे टूटे हैं, उससे लगता है कि विद्युत व्यवस्था बहाल होने में अभी एक सप्ताह का समय लग जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि तूफान से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मेरा प्रयास होगा कि जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल हो जाए।
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