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युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:35 PM IST
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जिले में संचालित हो रहे कई डिग्री कॉलेजों में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कई कॉलेजों में बीए की क्लॉस बीए पास टीचर ही ले रहे हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को गुमराह कर उनके भविष्य को अंधकार में डाला जा रहा है। इस तरह छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा प्राप्त करना चुनौती साबित हो सकता है। इन दिनों डिग्री कॉलेजों में बीए पास टीचरों की भरमार है। ऐसे में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का बहाना करके संचालक छात्र- छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैँ। कॉलेज में कई ऐसे टीचर हैं जो यूनिवर्सिटी के मानक को पूरा नहीं करते। मैनेजमेंट की मेहरबानी से वह कालेजों में पढ़ाना शुरू कर देते हैं।
वहीं बेरोजगारी के इस दौर में कालेज प्रशासन को सस्ते दाम पर टीचर मिल जाते हैं। इस तरह उनका विद्यालय भी चल रहा है। साथ ही टीचरों की संख्या भी अधिक हैं। किसी को समाजशास्त्र की कमान दी गई है तो किसी भूगोल विषय की। यहां तक कि कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी उन्हीं अयोग्य शिक्षकों को बैठा दिया गया है। कॉलेज के प्रशासनिक पदों पर बैठने वाले यही अयोग्य शिक्षक छात्र-छात्राओं के भविष्य के बारे में निर्णय करते हैं। जबकि कई कॉलेजों में यह बातें केवल मौखिक ही हैं। यूजीसी के मानक के अनुसार कालेजों में संबंधित विषय शिक्षक पद के लिए मास्टर डिग्री के साथ नेट पास होना अनिवार्य है। यह योग्यता न होने पर वह शिक्षण का पात्र नहीं माना जाता है। जबकि यहां के डिग्री कॉलेज यूजीसी मानक की धज्जियां उड़ा रहे हैं। परीक्षाओं के दौरान जांच के लिए आने वाले यूनिवर्सिटी के प्रशासिनक अधिकारियों पर भी इसकी नजर नहीं पड़ती। जिससे की इन पर नकेल कसी जा सके।
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वहीं बेरोजगारी के इस दौर में कालेज प्रशासन को सस्ते दाम पर टीचर मिल जाते हैं। इस तरह उनका विद्यालय भी चल रहा है। साथ ही टीचरों की संख्या भी अधिक हैं। किसी को समाजशास्त्र की कमान दी गई है तो किसी भूगोल विषय की। यहां तक कि कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी उन्हीं अयोग्य शिक्षकों को बैठा दिया गया है। कॉलेज के प्रशासनिक पदों पर बैठने वाले यही अयोग्य शिक्षक छात्र-छात्राओं के भविष्य के बारे में निर्णय करते हैं। जबकि कई कॉलेजों में यह बातें केवल मौखिक ही हैं। यूजीसी के मानक के अनुसार कालेजों में संबंधित विषय शिक्षक पद के लिए मास्टर डिग्री के साथ नेट पास होना अनिवार्य है। यह योग्यता न होने पर वह शिक्षण का पात्र नहीं माना जाता है। जबकि यहां के डिग्री कॉलेज यूजीसी मानक की धज्जियां उड़ा रहे हैं। परीक्षाओं के दौरान जांच के लिए आने वाले यूनिवर्सिटी के प्रशासिनक अधिकारियों पर भी इसकी नजर नहीं पड़ती। जिससे की इन पर नकेल कसी जा सके।
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