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पपीता, अनार और बेल पत्र खाइए, प्लेटलेट बढ़ाइए
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:11 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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पपीता, अनार और बेल पत्र का रस डेंगू के मरीजों के लिए रामबाण हैं। इसके सेवन से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है। आयुर्वेद चिकित्सकों का दावा है कि रोग से लड़ने के लिए शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की अचूक दवा इनके रस में होती है। इसके अलावा गिलोय यानि गुरच के रस में भी प्लेटलेट्स बढ़ाने का गुण है।
डेंगू से पीड़ित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अगर वे पपीते, बेलपत्र का जूस अनार के दाने के साथ मिलाकर सेवन करें तो न केवल उनके शरीर में रोग से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों के वायरस के चलते ब्लड में तेजी से घट रहे प्लेटलेट्स में भी तेजी से वृद्धि होगी। वैसे तो हर फल में प्रकृति ने कुछ न कुछ गुण अवश्य दिए हैं। मगर फलों के साथ पत्तियां भी बीमारियों से लड़ने में लाभदायक होती हैं। ऐसे गुणकारी वृक्षाें में नीम, बबूल जैसे पेड़ों का नाम
भी आता है।
इस तरह से करें सेवन
बेल और पपीते का हरा पत्ता तोड़कर उसको पीस लें। इसमें से निकले रस को दो-दो चम्मच सुबह और शाम सेवन करें। अगर इसमें अनार का जूस मिला दिया जाय तो और बेहतर होगा। इससे जूस का स्वाद भी बदलकर मीठा हो जायेगा। अनार भी फायदे से सभी वाकिफ हैं। इसके अलावा गिलोय(गुर्च) के तने को पीसकर उसका रस भी इसी तरह से दो बार एक सप्ताह तक ले सकते हैं। यह बुखार में भी काफी लाभदायक होता है।
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आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर रंगनाथ शुक्ला कहते हैं कि पपीता, गिलोय और अनार इत्यादि के रस के सेवन से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से बढ़ती है। इसके एल्कलायड से रोगी को डेंगू
जैसे रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। रस के कुछ दिनों तक के सेवन से मरीज पहले से बेहतर महसूस करेगा।
प्लेटलेट्स बढ़ाता है एल्कलाॅयड
इनकी पत्तियों में कैरोसिन, पैपिन, माइरोसिन और गिलोय के तने में बरबेरिन और जिलोइन नामक एल्कलाॅयड तत्व पाया जाता है जिसमें प्लेटलेट्स बढ़ाने के साथ-साथ रोग से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाने का गुण होता है। शरीर में जाने के बाद ये रस दवा की तरह काम करना शुरू कर देते हैं। लगातार सेवन करने से मरीज पहले से बेहतर महसूस करता है।
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डेंगू से पीड़ित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अगर वे पपीते, बेलपत्र का जूस अनार के दाने के साथ मिलाकर सेवन करें तो न केवल उनके शरीर में रोग से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों के वायरस के चलते ब्लड में तेजी से घट रहे प्लेटलेट्स में भी तेजी से वृद्धि होगी। वैसे तो हर फल में प्रकृति ने कुछ न कुछ गुण अवश्य दिए हैं। मगर फलों के साथ पत्तियां भी बीमारियों से लड़ने में लाभदायक होती हैं। ऐसे गुणकारी वृक्षाें में नीम, बबूल जैसे पेड़ों का नाम
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भी आता है।
इस तरह से करें सेवन
बेल और पपीते का हरा पत्ता तोड़कर उसको पीस लें। इसमें से निकले रस को दो-दो चम्मच सुबह और शाम सेवन करें। अगर इसमें अनार का जूस मिला दिया जाय तो और बेहतर होगा। इससे जूस का स्वाद भी बदलकर मीठा हो जायेगा। अनार भी फायदे से सभी वाकिफ हैं। इसके अलावा गिलोय(गुर्च) के तने को पीसकर उसका रस भी इसी तरह से दो बार एक सप्ताह तक ले सकते हैं। यह बुखार में भी काफी लाभदायक होता है।
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आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर रंगनाथ शुक्ला कहते हैं कि पपीता, गिलोय और अनार इत्यादि के रस के सेवन से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से बढ़ती है। इसके एल्कलायड से रोगी को डेंगू
जैसे रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। रस के कुछ दिनों तक के सेवन से मरीज पहले से बेहतर महसूस करेगा।
प्लेटलेट्स बढ़ाता है एल्कलाॅयड
इनकी पत्तियों में कैरोसिन, पैपिन, माइरोसिन और गिलोय के तने में बरबेरिन और जिलोइन नामक एल्कलाॅयड तत्व पाया जाता है जिसमें प्लेटलेट्स बढ़ाने के साथ-साथ रोग से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाने का गुण होता है। शरीर में जाने के बाद ये रस दवा की तरह काम करना शुरू कर देते हैं। लगातार सेवन करने से मरीज पहले से बेहतर महसूस करता है।