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वातावरण में पुरवा हावी, दिसंबर में भी तेवर नहीं दिखा पा रही ठंड
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पुरवा हावी, दिसंबर में भी तेवर नहीं दिखा पा रही ठंड
न शीतलहर न कोहरा, न जल रहे अलाव, हॉफ स्वेटर में घूम रहे लोग
अब तक नहीं देखा गया है ऐसा मौसम का मिजाज, दिसंबर माह में तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। वातावरण में पश्चिमी हवाओं को मात देकर पुरवा हवाओं ने पैठ जमा रखी है। पुरवा हवाओं के हावी होने से ठंड तेवर नहीं दिखा पा रही है। यही वजह है कि दिसंबर माह के मध्य चरण में ठंड का असर नहीं हो रहा है। वातावरण में न शीतलहर का असर है और न ही कोहरा का। अलबत्ता तल्ख धूप निकल रही है। तापमान में भी उछाल दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम का मिजाज ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया।
नवंबर माह के मध्य चरण से ही वातावरण में पुरवा- पछुवा हवाओं का द्वंद चल रहा है। इससे मौसम में उतार- चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। कभी आसमान साफ हो जाता है तो कभी बादल डेरा जमाए रहते हैं। लगभग एक महीने से मौसम में उतार- चढ़ाव जारी है। इससे दिसंबर माह में ठंड का असर नहीं है, जबकि आमतौर पर दिसंबर माह के मध्य चरण में शीतलहर, कोहरा व गलन से लोगों का बुरा हाल होता है। जगह- जगह अलाव जलते है। अधिकतम तापमान लुढ़ककर 14 व 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जाता है और न्यूनतम तापमान 7- 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। मगर इस बार ऐसा नहीं है। दरअसल वातावरण में पुरवा हावी है। इससे धूप तल्ख हो रही है। तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। बृहस्पतिवार को 26.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अब तक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।
मौसम विभाग के 10 साल के तापमान के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 17 दिसंबर 2010 में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था। 2011 में अधिकतम तापमान 19.2 व न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस , 2012 में अधिकतम तापमान 24.3 व न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस था। इसी तरह 2013 में अधिकतम तापमान 23.2 व न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस , 2014 में अधिकतम तापमान 20.9 व न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस , 2015 में अधिकतम तापमान 22.6 व न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 2016 में न्यूनतम तापमान 7.0 व अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस, 2017 में अधिकतम तापमान 23.0 व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस , 2018 में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। 2019 में अधिकतम तापमान 22.0 व न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी तरह 2020 में दिंसबर माह में ठंड का असर था। अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस था। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं के चलते ठंड में इजाफा नहीं हो पा रहा है। पश्चिमी के पैठ जमाने के बाद ही ठंड में इजाफा होगा।
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न शीतलहर न कोहरा, न जल रहे अलाव, हॉफ स्वेटर में घूम रहे लोग
अब तक नहीं देखा गया है ऐसा मौसम का मिजाज, दिसंबर माह में तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। वातावरण में पश्चिमी हवाओं को मात देकर पुरवा हवाओं ने पैठ जमा रखी है। पुरवा हवाओं के हावी होने से ठंड तेवर नहीं दिखा पा रही है। यही वजह है कि दिसंबर माह के मध्य चरण में ठंड का असर नहीं हो रहा है। वातावरण में न शीतलहर का असर है और न ही कोहरा का। अलबत्ता तल्ख धूप निकल रही है। तापमान में भी उछाल दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम का मिजाज ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया।
नवंबर माह के मध्य चरण से ही वातावरण में पुरवा- पछुवा हवाओं का द्वंद चल रहा है। इससे मौसम में उतार- चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। कभी आसमान साफ हो जाता है तो कभी बादल डेरा जमाए रहते हैं। लगभग एक महीने से मौसम में उतार- चढ़ाव जारी है। इससे दिसंबर माह में ठंड का असर नहीं है, जबकि आमतौर पर दिसंबर माह के मध्य चरण में शीतलहर, कोहरा व गलन से लोगों का बुरा हाल होता है। जगह- जगह अलाव जलते है। अधिकतम तापमान लुढ़ककर 14 व 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जाता है और न्यूनतम तापमान 7- 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। मगर इस बार ऐसा नहीं है। दरअसल वातावरण में पुरवा हावी है। इससे धूप तल्ख हो रही है। तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। बृहस्पतिवार को 26.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अब तक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।
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मौसम विभाग के 10 साल के तापमान के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 17 दिसंबर 2010 में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था। 2011 में अधिकतम तापमान 19.2 व न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस , 2012 में अधिकतम तापमान 24.3 व न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस था। इसी तरह 2013 में अधिकतम तापमान 23.2 व न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस , 2014 में अधिकतम तापमान 20.9 व न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस , 2015 में अधिकतम तापमान 22.6 व न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 2016 में न्यूनतम तापमान 7.0 व अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस, 2017 में अधिकतम तापमान 23.0 व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस , 2018 में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। 2019 में अधिकतम तापमान 22.0 व न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी तरह 2020 में दिंसबर माह में ठंड का असर था। अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस था। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं के चलते ठंड में इजाफा नहीं हो पा रहा है। पश्चिमी के पैठ जमाने के बाद ही ठंड में इजाफा होगा।
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