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परेड के दौरान प्रतापगढ़ के सैनिक की जम्मू में मौत, प्रशासनिक उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर लगाया जाम
Fri, 03 Sep 2021 09:16 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 Sep 2021 09:16 PM IST
सार
महेशगंज थाना क्षेत्र के गरीबपुर गांव के रहने वाले वीर बहादुर (30) की मृत्यु जम्मू कश्मीर में परेड करने के दौरान बुधवार को हो गई थी। सैनिक का शव बृहस्पतिवार की रात पैतृक गांव गरीबपुर सेना के वाहन से पहुंचा।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रशासनिक उपेक्षा से आक्रोशित मृत सैनिक के परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सड़क जाम करने की सूचना पर एसडीएम कुंडा मौके पर पहुंचे। हालांकि उनकी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं था। सभी डीएम को बुलाने की जिद पर अड़े थे। बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने पहुंचकर सभी को समझाया। परिजनों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन सैनिक के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाने को तैयार हुए।
महेशगंज थाना क्षेत्र के गरीबपुर गांव के रहने वाले वीर बहादुर (30) की मृत्यु जम्मू कश्मीर में परेड करने के दौरान बुधवार को हो गई थी। सैनिक का शव बृहस्पतिवार की रात पैतृक गांव गरीबपुर सेना के वाहन से पहुंचा। इलाके के युवा हाथों में तिरंगा लिए हुए सैनिक के शव वाहन के आगे-आगे घर तक आए। भारत माता की जय व वीर बहादुर अमर रहे के नारे भी गूंज रहे थे। रात में प्रशासनिक अधिकारियों के न आने पर लोगों में गुस्सा था। शुक्रवार की सुबह अंतिम संस्कार करने की बात आई तो परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। कुछ देर बाद जेठवारा- कुंडा मार्ग पर सैनिक का शव रखकर जाम लगा दिया।
सड़क जाम होने की खबर मिलते ही बाबागंज विधायक विनोद सरोज और एसडीएम कुंडा सतीश चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। परिजन सैनिक वीर बहादुर को शहीद का दर्जा दिलाने व प्रशासनिक उपेक्षा पर आक्रोश व्यक्त करते रहे। काफी देर बाद एसडीएम सतीशचंद्र के समझाने के बाद मांग पत्र सौंपा। जिसमें मृत सैनिक के परिजनों को एक करोड़ की आर्थिक सहायता, शस्त्र लाइसेंस, गांव की एक सड़क वीर बहादुर के नाम करने व पार्क बनवाने की मांग शामिल थी। विधायक व एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। मृत सैनिक की पत्नी साधना सिंह बलिया में सिपाही हैं। शव पहुंचने के बाद परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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विधायक ने दिया सैनिक के शव को कंधा
ब्लाक बिहार के ग्राम सभा गरीबपुर डेरवा निवासी सैनिक वीर बहादुर सिंह के निधन की सूचना पर बाबागंज विधायक उनके घर पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिए जाते समय शव को कंधा दिया। परिजनों को सांत्वना देने के साथ ही उन्होंने कहा कि इस दु:ख की घड़ी में पूरा राजा भइया परिवार उनके साथ है। उनके साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उमा शंकर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष माधुरी कुलदीप पटेल, ब्लाक प्रमुख बिहार राम चंदर सरोज, ब्लाक प्रमुख बाबागंज रामयस सरोज, ब्लाक प्रमुख कुंडा संतोष सिंह, क्षीरसागर तिवारी, रमेश तिवारी, गोटू मोदी, राजू यादव, प्रधान नीलमणी सिंह, प्रधान बबलू यादव, प्रमोद पटेल, रवि सरोज, साहब सिंह, सुमित सिंह, प्रधान दिलीप मौर्य, कुंवर मुन्नू सिह, राजेश त्रिपाठी, सोनी, राजू यादव, प्रिंस यादव, आनंद देव पांडेय आदि मौजूद रहे।
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महेशगंज थाना क्षेत्र के गरीबपुर गांव के रहने वाले वीर बहादुर (30) की मृत्यु जम्मू कश्मीर में परेड करने के दौरान बुधवार को हो गई थी। सैनिक का शव बृहस्पतिवार की रात पैतृक गांव गरीबपुर सेना के वाहन से पहुंचा। इलाके के युवा हाथों में तिरंगा लिए हुए सैनिक के शव वाहन के आगे-आगे घर तक आए। भारत माता की जय व वीर बहादुर अमर रहे के नारे भी गूंज रहे थे। रात में प्रशासनिक अधिकारियों के न आने पर लोगों में गुस्सा था। शुक्रवार की सुबह अंतिम संस्कार करने की बात आई तो परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। कुछ देर बाद जेठवारा- कुंडा मार्ग पर सैनिक का शव रखकर जाम लगा दिया।
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सड़क जाम होने की खबर मिलते ही बाबागंज विधायक विनोद सरोज और एसडीएम कुंडा सतीश चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। परिजन सैनिक वीर बहादुर को शहीद का दर्जा दिलाने व प्रशासनिक उपेक्षा पर आक्रोश व्यक्त करते रहे। काफी देर बाद एसडीएम सतीशचंद्र के समझाने के बाद मांग पत्र सौंपा। जिसमें मृत सैनिक के परिजनों को एक करोड़ की आर्थिक सहायता, शस्त्र लाइसेंस, गांव की एक सड़क वीर बहादुर के नाम करने व पार्क बनवाने की मांग शामिल थी। विधायक व एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। मृत सैनिक की पत्नी साधना सिंह बलिया में सिपाही हैं। शव पहुंचने के बाद परिवार के लोगों को रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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विधायक ने दिया सैनिक के शव को कंधा
ब्लाक बिहार के ग्राम सभा गरीबपुर डेरवा निवासी सैनिक वीर बहादुर सिंह के निधन की सूचना पर बाबागंज विधायक उनके घर पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिए जाते समय शव को कंधा दिया। परिजनों को सांत्वना देने के साथ ही उन्होंने कहा कि इस दु:ख की घड़ी में पूरा राजा भइया परिवार उनके साथ है। उनके साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उमा शंकर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष माधुरी कुलदीप पटेल, ब्लाक प्रमुख बिहार राम चंदर सरोज, ब्लाक प्रमुख बाबागंज रामयस सरोज, ब्लाक प्रमुख कुंडा संतोष सिंह, क्षीरसागर तिवारी, रमेश तिवारी, गोटू मोदी, राजू यादव, प्रधान नीलमणी सिंह, प्रधान बबलू यादव, प्रमोद पटेल, रवि सरोज, साहब सिंह, सुमित सिंह, प्रधान दिलीप मौर्य, कुंवर मुन्नू सिह, राजेश त्रिपाठी, सोनी, राजू यादव, प्रिंस यादव, आनंद देव पांडेय आदि मौजूद रहे।