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तापमान में गिरावट, जनजीवन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2014 11:59 PM IST
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प्रतापगढ़। तापमान में लगातार गिरावट के चलते शनिवार को जनजीवन प्रभावित रहा। कोहरे की चादर के साथ शीतलहर ने ठंडक बढा दी। हालांकि पछुआ हवाओं ने सूर्यदेव के दर्शन करा दिया। शाम को गलन ने लोगों को घरों में कैद रहने के लिए मजबूर कर दिया। दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया, जो दूसरे दिन भी जारी है।
शुक्रवार को जनपद का न्यूनतम पारा जहां 12.4, अधिकतम पारा 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा। कोहरे व शीतलहरी के कारण शनिवार को पारा गिर गया। आज न्यूनतम पारा जहां 9.6 पहुंचा, वहीं अधिकतम 19.6 डिग्री पहुंच गया। रात से ही कोहरे ने पूरे जनपद को अपने आगोश में समेटे रहा। भोर से शीतलहरी चली तो सर्दी बढ़ गई। कोहरे के चलते लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हुई। समय पर बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके और लोग अपने काम धंधे पर भी विलंब से पहुंचे। नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यालय पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। शाम को सूर्यास्त के बाद अचानक गलन बढ़ गई। गांव में लोग अलाव जलाकर ठंड दूर करते दिखे।
दिसंबर माह के शुरूआत में ही कोहरे ने किसानों के सामने समस्या पैदा कर दी है। ठंड गेहूं की फसल के लिए ठीक रहेगी वहीं आलू की फसल पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। दलहनी फसलों पर भी इसका असर पड़ेगा। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना की मानें तो पिछले वर्ष जनवरी में कोहरा पड़ा था। इस बार पहले कोहरा पड़ने लगा है। जल्द ही कोहरा समाप्त होने की संभावना है।
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शुक्रवार को जनपद का न्यूनतम पारा जहां 12.4, अधिकतम पारा 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा। कोहरे व शीतलहरी के कारण शनिवार को पारा गिर गया। आज न्यूनतम पारा जहां 9.6 पहुंचा, वहीं अधिकतम 19.6 डिग्री पहुंच गया। रात से ही कोहरे ने पूरे जनपद को अपने आगोश में समेटे रहा। भोर से शीतलहरी चली तो सर्दी बढ़ गई। कोहरे के चलते लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हुई। समय पर बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके और लोग अपने काम धंधे पर भी विलंब से पहुंचे। नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यालय पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। शाम को सूर्यास्त के बाद अचानक गलन बढ़ गई। गांव में लोग अलाव जलाकर ठंड दूर करते दिखे।
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दिसंबर माह के शुरूआत में ही कोहरे ने किसानों के सामने समस्या पैदा कर दी है। ठंड गेहूं की फसल के लिए ठीक रहेगी वहीं आलू की फसल पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। दलहनी फसलों पर भी इसका असर पड़ेगा। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना की मानें तो पिछले वर्ष जनवरी में कोहरा पड़ा था। इस बार पहले कोहरा पड़ने लगा है। जल्द ही कोहरा समाप्त होने की संभावना है।
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