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मिड डे मील का राशन कालाबाजारी के लिए ले जाने के मामले में लीपापोती

Tue, 21 Jun 2022 11:37 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2022 11:37 PM IST
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Drape in the matter of carrying mid-day meal ration for black marketing
कोटेदार के यहां से मिड डे मिल का 33 क्विंटल राशन उठान करने के बाद राइसमिल ले जाने के मामले में अफसरों ने जांच के नाम पर लीपापोती कर दी। विभाग की इज्जत बचाने के लिए अफसरों ने खेल कर दिया। कोटेदार, प्रधानाध्यापक व चालक से छह घंटे चली लंबी पूछताछ के नाम दोषियों को बचाने के लिए स्क्रिप्ट तैयार की गई और पिकअप चालक से रास्ता भटकने की बात कहलाकर मामले को रफादफा कर दिया गया। अफसरों के इस कारनामे को लेकर मंगलवार को दिनभर चर्चा होती रही।
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सांगीपुर विकास खंड के अठेहा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सिद्धनाथ त्रिपाठी ने सोमवार की सुबह गांव में सरकारी राशन की दुकान से मिड डे मील के लिए 33.77 क्विंटल गेहूं और चावल का उठान किया था। कोटेदार रूबी बेगम को जनवरी से मार्च माह तक की रिसीविंग देकर प्रधानाध्यापक खाद्यान्न पिकअप पर लादकर चला गया।
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गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के बजाय पिकअप पर लदा खाद्यान्न लेकर प्रधानाध्यापक पांच किलोमीटर दूर आहरबीहर स्थित एक राइसमिल के समीप पहुंच गया। इसकी जानकारी होने पर अठेहा से ग्रामीण पहुंचे और राइसमिल के समीप खड़ी पिकअप घेर लिया। ग्रामीणों को देखते ही प्रधानाध्यापक व पिकअप चालक मौके से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों की सूचना पर उदयपुर पुलिस पहुंची और सरकारी खाद्यान्न से लदी पिकअप थाने ले आई।
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इसकी जानकारी होने पर शिक्षा विभाग के अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद विभाग की इज्जत बचाने के लिए अफसरों का खेल शुरू हुआ। खंड शिक्षा अधिकारी जंगीलाल, पूर्ति निरीक्षक राज सिंह यादव व उदयपुर एसओ की छह घंटे चली लंबी जांच में दोषियों को बचाने के लिए स्क्रिप्ट तैयार की गई। संदेह के दायरे में आए प्रधानाध्यापक व कोटेदार को क्लीनचिट देने के लिए चालक से रास्ता भटकने की बात कहलाई गई।
छह घंटे की जांच में तैयार की गई स्क्रिप्ट को खंड शिक्षा अधिकारी जंगीलाल बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य सिद्धनाथ ने कोटेदार के यहां से एमडीएम का खाद्यान्न पिकअप पर लदवाया और खुद बीआरसी चले गए। चालक रास्ता भटक गया और एमडीएम का राशन पिकअप से लेकर राइसमिल के सामने पहुंच गया। इसके बाद मामले को रफादफा कर दिया गया। अब सवाल यह है कि कोटेदार के यहां से थोड़ी ही दूरी पर ही प्राइमरी स्कूल है।

फिर चार किलोमीटर दूर आहरबीहर के समीप राइसमिल तक खाद्यान्न कैसे पहुंच गया। सवाल यह भी है पिकअप चालक स्थानीय होते हुए भी कैसे रास्ता भटक गया और प्रधानाध्यापक एमडीएम का खाद्यान्न चालक के सहारे छोड़कर बीआरसी केंद्र कैसे चला गया। जनवरी से मार्च के बीच का तीन माह का खाद्यान्न जून में कोटेदार के यहां से किस वजह से उठाया गया था। अफसरों के कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती करने से हर जगह बेसिक शिक्षा विभाग की किरकिरी होती रही।
की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है।
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