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प्रतापगढ़-अमेठी के बीच शुरू हुआ रेल लाइन दोहरीकरण
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train
लखनऊ-वाराणसी रेलमार्ग पर अमेठी से प्रतापगढ़ के बीच रेललाइन के दोहरीकरण का काम शुरू हो गया है। यह काम 2023 तक पूरा करना है। दोहरीकरण होने के बाद ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हो जाएगी। अमेठी से जंघई तक अभी रेललाइन का दोहरीकरण नहीं हो सका था। जिस वजह से इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनें अक्सर लेट हो जाती थीं। लखनऊ-वाराणसी रेलमार्ग पर गाड़ियों की संख्या अधिक है।
सिंगल ट्रैक होने की वजह से समय पर ट्रेनों का परिचालन नहीं हो पाता। एक ट्रेन को पास करने के लिए दूसरी को किसी न किसी स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इसे देखते हुए रेलवे ने लखनऊ से वाराणसी तक रेल लाइन का दोहरीकरण करने का फैसला किया था। लखनऊ से अमेठी तक डबल लाइन बिछाई जा चुकी है। जंघई से वाराणसी तक का काम भी पूरा हो चुका है। बीच में अमेठी से जंघई तक दोहरीकरण नहीं हो सका था।
अब अमेठी से जंघई के बीच 88 किलोमीटर की दूरी में रेलमार्ग का दोहरीकरण कराया जाएगा। इसके लिए रेल मंत्रालय ने 150 करोड़ रुपये का बजट दिया है। उम्मीद है कि 2023 तक यह कार्य कार्यदायी संस्था पूरा कर लेगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हो जाएगी।
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सिंगल ट्रैक होने की वजह से समय पर ट्रेनों का परिचालन नहीं हो पाता। एक ट्रेन को पास करने के लिए दूसरी को किसी न किसी स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इसे देखते हुए रेलवे ने लखनऊ से वाराणसी तक रेल लाइन का दोहरीकरण करने का फैसला किया था। लखनऊ से अमेठी तक डबल लाइन बिछाई जा चुकी है। जंघई से वाराणसी तक का काम भी पूरा हो चुका है। बीच में अमेठी से जंघई तक दोहरीकरण नहीं हो सका था।
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अब अमेठी से जंघई के बीच 88 किलोमीटर की दूरी में रेलमार्ग का दोहरीकरण कराया जाएगा। इसके लिए रेल मंत्रालय ने 150 करोड़ रुपये का बजट दिया है। उम्मीद है कि 2023 तक यह कार्य कार्यदायी संस्था पूरा कर लेगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हो जाएगी।
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